“मेरी कहानी मेरी जुबानी” का पायलट प्रोजेक्ट सारण में लांच ; कहानी के दोनों पात्रों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

“मेरी कहानी मेरी जुबानी” का पायलट प्रोजेक्ट सारण में लांच ; कहानी के दोनों पात्रों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

CHHAPRA DESK – सारण डीएम अमन समीर ने समाहरणालय सभागार में पीरामल फाउंडेशन के “मेरी कहानी मेरी जुबानी” पर चर्चा सह सम्मान समारोह का उद्घाटन किया. इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि पीरामल फाउंडेशन का यह कदम काफी सराहनीय है. इस तरह के कार्यक्रम को जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा. उन्होंने बताया कि अरविंद और अभिषेक द्वारा समाज के लिए जो भी कार्य किए जा रहे हैं वह सराहनीय है. इस तरह का कार्य हर ब्लॉक स्तर पर किया जाना चाहिए,

ताकि प्रशासन को इस बात की जानकारी मिलती रहे कि अगर किसी ब्लॉक या पंचायत में किसी चीज की कोई कमी है तो वह जिला प्रशासन के संज्ञान में लाएं. प्रशासन की ओर उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा. उन्होंने दोनों युवकों को सम्मानित करते हुए कहा कि भविष्य में इस मुहिम को आगे बढ़ाने में दोनों को ब्रांडएम्बेस्डर के रुप में प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि इस मुहिम को पूरे जिले में प्रसारित किया जा सके.

इस मौके पर पीरामल फाउंडेशन प्रोग्राम डायरेक्टर संजय सुमन ने बताया कि “मेरी कहानी मेरी जुबानी”का उद्देश्य यह है कि समाज के वैसे लोग जो नि:स्वार्थभाव से समाज का सेवा कर रहे हैं, उन्हें समाज के बीच लाएं और आम लोगों को बताएं. साथ ही वैसे प्रेरणादायी कहानी बताने वाले लोगों को सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा. मेरी कहानी मेरी जुबानी कार्यक्रम में अरविंद कुमार ने बताया कि उनको हमेशा इस बात की चिंता सताए जा रही थी कि आखिर क्या कारण है.

उनके गांव के साथ-साथ आसपास के गांव में रहने वाले बच्चे, बूढ़े और जवानों की तबीयत बिगड़ती रहती है. कुछ दिनों तक इस बिन्दु पर अध्ययन करने के बाद उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि सरकार की ओर से जितनी भी स्वास्थ्य संबंधित योजनाएं चल रही है उन योजनाओं का लाभ गांव के लोगों को नहीं मिल रहा है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए उन्होंने कई गांव में नवजात बच्चों को हर प्रकार के टीकाकरण करवाना, हर वर्ग के लोगों को विभिन्न प्रकार के बीमारियों से बचने के लिए दवा खिलवाना, समय-समय पर पूरे गांव में डेंगू, मलेरिया, कालाजार आदि जैसे बीमारियों से बचने के लिए दवा का छिड़काव करवाना शुरू कर दिया.

उनके इस प्रयास से लगभग 2000 परिवार को इस तरह की सेवा मिलनी शुरू हो गई. उन्होंने लगभग सभी गांव में घूम-घूम कर लोगों जागरूक करना शुरू किया. मौके पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. चन्द्रेश्वर सिंह, डीपीओ आईसीडीएस कुमारी अनुपमा, पीरामल फाउंडेशन के हरि शंकर कुमार सिंह, अभिमन्यु कुमार, शैलेन्द्र सिंह, दिलीप कुमार मिश्रा, कुमार पीयूष, अरविंद कुमार पाठक आदि कई लोग मौजूद थे.

Loading

67
E-paper ब्रेकिंग न्यूज़