CHHAPRA DESK – छपरा नगर निगम का उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया. लेकिन वोटो का प्रतिशत काफी काम रहा. क्योंकि नगर निगम के चुनाव पर आस्था भारी पड़ गया. जहां सुबह से लेकर शाम तक बूथ पर वोटरों का रुझान कम रहा, वहीं सभी मंदिरों में सुबह से रात तक श्रद्धालु डटे रहे और पूजा-अर्चना करते दिखे. जिला प्रशासन की लाख कोशिशें नाकाम साबित हुई.

चुनाव में मतदान का प्रतिशत काफी निराशाजनक रहा. मतदान समाप्त होने तक मतदान का कुल प्रतिशत-38.62% ही रहा. जिसमें महिला मतदाताओं का प्रतिशत-35.82% तथा पुरुष मतदाताओं का प्रतिशत-41.13% रहा. अगर मतदान के प्रतिशत पर समय बार प्रकाश डालें तो सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक 5% तथा 10:00 बजे तक मात्र 10% तक पोलिंग हुआ वही 12:00 बजे तक यह प्रतिशत 20% तक पहुंचा और 5:00 बजे तक मात्र 38.62% ही वोटिंग हो सका.

वोटरों में नहीं था रुझान
वैसे मेयर उपचुनाव में वोटरों का रुझान भी काम देखने को मिला. कारण कि अनेक वोटर यह कहते हुए मिलें कि छपरा नगर निगम बनने के बाद उसके साफ-सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है. ऐसी स्थिति में कोई भी मेयर जीते नगर निगम लूट-खसोट का अड्डा ही बना रहेगा. नगर निगम क्षेत्र की जनता को कूड़ा-कचरा और जल जमाव के बीच रहना मजबूरी है. ऐसी स्थिति में वोट देने का भी कोई फायदा नहीं है.

अयोध्या में भगवान श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा को ले भक्ति में डूबे रहे वोटर
अयोध्या में भगवान श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश का वातावरण भक्तिमय बना रहा. वहीं छपरा नगर निगम चुनाव पर भी आस्था इस कदर भारी पड़ गया कि सुबह में लोग वोट देने की बजाय मंदिरों में पूजा-अर्चना करने निकल गए. वहीं दोपहर तक अयोध्या का लाइव प्रसारण देखने में लोग व्यस्त रहे और शाम होते-होते पुन: मंदिरों में दीप जलाने के बाद घर पर दीपावली मनाने की तैयारी में जुट गये. जिसके कारण 38.62% ही वोटिंग हो सका.

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