मुख्यमंत्री ने सारण जिले को दी 538 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात ; 451 करोड़ रूपये की 45 योजनाओं का किया शिलान्यास व 87 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का किया उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने सारण जिले को दी 538 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात ; 451 करोड़ रूपये की 45 योजनाओं का किया शिलान्यास व 87 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का किया उद्घाटन

CHHAPRA DESK –   राज्य के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर उस समय नई ऊर्जा और उत्साह का संचार देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के तहत सारण के बिन टोलिया में आयोजित जन संवाद मंच से जनसभा को संबोधित किया. कार्यक्रम स्थल पर उमड़ी जनसैलाब और मंच पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी इस बात का प्रमाण था कि मुख्यमंत्री का नेतृत्व आज केवल सत्ता तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और उम्मीद गहराई से जुड़ा हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिनटोलिया में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधन करते हुए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आम नागरिक उपस्थित रहे.

Add

आयोजन स्थल पर अभूतपूर्व सुरक्षा एवं प्रशासनिक प्रबंधन की व्यवस्था दिखी

मुख्यमंत्री न अपने संबोधन की शुरुआत उपस्थित जनसमूह का अभिवादन की और कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के समग्र विकास के साथ-साथ शासन व्यवस्था को मजबूत करना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल घोषणाओं तक सीमित न होकर उनका वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाना है. इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन आवश्यक है.

विकास योजनाओं की स्थिति पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना के सुदृढ़ होने से ही सामाजिक और आर्थिक विकास संभव है. राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था को सरकार की रीढ़ बताते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में विभागीय समन्वय आवश्यक है. कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि शासन और प्रशासन एक साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जनता की शिकायतों का समय पर निस्तारण प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसके लिए फील्ड स्तर पर अधिकारियों को सक्रिय रहने और जनता से संवाद बनाए रखने की आवश्यकता है.

जनसंवाद और प्रशासनिक जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है. उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से जनसंवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि लोगों की समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुनच सके. उन्होंने उन्होंने अपने संबोधन में अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान करने की आवश्यकता पर बल दिया.

शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य को मानव विकास का आधार बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में सुधार सरकार की प्राथमिकता है. स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी सेवाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे.

सुशासन का मजबूत स्तंभ

मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी पहचान उनका सुशासन है. प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना उनकी प्राथमिकताओं में हमेशा शीर्ष पर रहा है. उन्होंने अपने कार्यकाल में यह सिद्ध किया है कि नीति और नीयत दोनों यदि स्पष्ट हों, तो विकास स्वतः ही जमीन पर उतरता है. भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति, समयबद्ध योजनाओं का क्रियान्वयन और आमजन की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई उनकी कार्यशैली के प्रमुख भूषण हैं. मुख्यमंत्री ने महिलाओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित अपने संबोधन में कहा कि मंच से उनका संबोधन केवल भाषण नहीं होता, बल्कि वह संवाद होता है. जिसमें आम आदमी की पीड़ा, किसान की चिंता, युवा की आकांक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहते हैं. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार की हर योजना का केंद्र बिंदु जनता है और विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे.

युवाओं और महिलाओं पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री की नीतियों में युवा और महिलाएं विशेष प्राथमिकता में रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राज्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है. शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है. वहीं महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वावलंबन, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव बताया.

सामाजिक समरसता और समावेशी विकास

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि उनका नेतृत्व केवल विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और सौहार्द को भी मजबूती देता है. उन्होंने हर वर्ग, हर समाज और हर क्षेत्र को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई है. मंच से उनका यह संदेश स्पष्ट था कि बिहार की प्रगति तभी संभव है, जब सभी वर्गों को समान अवसर और सम्मान मिले.

जनता के विश्वास की सबसे बड़ी पूंजी

मुख्यमंत्री ने संबोधन के दौरान बार-बार तालियों की गूंज इस बात का संकेत थी कि जनता मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा करती है. यह विश्वास वर्षों की मेहनत, ईमानदार प्रयास और निरंतर संवाद का परिणाम है. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भी जनता के इस भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया.

विकास योजनाओं की स्थिति पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सड़क, पुल, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना के सुदृढ़ होने से ही सामाजिक और आर्थिक विकास संभव है. राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो.

इनकी रही उपस्थिति

इस समारोह को मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के समृद्ध यात्रा की प्रशंसा किया. इस कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी एवं ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी सभा को संबोधित किया. इस अवसर पर छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष सलीम परवेज, विधायक के रूप में उपस्थित होने वालों में छपरा की विधायक छोटी कुमारी, मांझी विधायक रणधीर सिंह, केदार सिंह, कृष्ण कुमार ऊर्फ मंटू, मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह, विनय कुमार सिंह, एमएलसी वीरेंद्र नारायण यादव एवं अशफाक अहमद, पूर्व विधायक छोटेलाल राय, डॉ सीएन गुप्ता, ज्ञानचंद मांझी, पूर्व सांसद लालबाबू राय आदि प्रमुख थे. जबकि भाजपा के जिला अध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह , जदयू के जिला अध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह विकल के अलावा एनडीए गठबंधन के सभी जिला अध्यक्ष भी मंच पर उपस्थित रहे। मंच का संचालन जदयू जिला अध्यक्ष वैद्यनाथ सिंह निकालने किया.

Loading

81
E-paper ब्रेकिंग न्यूज़ राजनीति