नव वर्ष से पूर्व सारण को मातृ शिशु अस्पताल की सौगात : 100 बेड के इस अत्याधुनिक अस्पताल में मिलेगी निशुल्क सुविधाएं ; पढ़ें ! क्या होगी इस अस्पताल की खासियत

नव वर्ष से पूर्व सारण को मातृ शिशु अस्पताल की सौगात : 100 बेड के इस अत्याधुनिक अस्पताल में मिलेगी निशुल्क सुविधाएं ; पढ़ें ! क्या होगी इस अस्पताल की खासियत

CHHAPRA DESK –  नव वर्ष से पूर्व सारण वासियों को एक बड़ी सौगात मिल रही है ” मातृ शिशु अस्पताल ” और वह भी पूरी तरह निशुल्क. चौंकिए नहीं ! यह छपरा सदर अस्पताल का ही अंग है. स्वास्थ्य विभाग की अनूठी पहल ” मातृ शिशु अस्पताल “जिसे आम भाषा में जच्चा-बच्चा वार्ड कह सकते हैं “. बता दें कि छपरा सदर अस्पताल में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने के तमाम प्रयास किया जा रहे हैं. जैसा कि आपको सदर अस्पताल में प्रवेश करने के साथ ही अनुभव हो रहा होगा. उसी कड़ी में छपरा सदर अस्पताल परिसर में ही 100 बेड का एमसीएच (मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट)

यानि की मातृ शिशु अस्पताल बनकर पूरी तरह तैयार है और सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आगामी 4 दिसंबर को सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा इसका विधिवत उद्घाटन भी कर दिया जाएगा. इस अस्पताल में एक बड़े मल्टी सिटी हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा को उपलब्ध होने वाली सारी सुविधाएं एक छत के नीचे उपलब्ध है. यानि की प्रसव पीड़िता को इस अस्पताल में एक बार भर्ती किए जाने के बाद प्रसव के उपरांत उसकी देखभाल एवं नवजात को किसी प्रकार की समस्या होने पर आईसीसी एवं एसएनसीयू से लेकर तमाम सुविधाएं इस बिल्डिंग में उपलब्ध है. मार्बल और टाइल्स से चकाचक 100 बेड के इस अस्पताल में मरीजों के लिए भी अनेक वार्ड बने हुए हैं, जिनमें होटल की तरह सुविधाएं उपलब्ध है.

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सेंट्रलाइज्ड एयरकंडीशन है यह एमसीएच अस्पताल

सदर अस्पताल स्थित 100 बेड का यह मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल पूरी तरह वातानुकूलित है. यानि की अस्पताल के सभी वार्ड से लेकर पूरा भवन ही एयर कंडीशन है. जिसमें फायर ब्रिगेड से लेकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी उपाय किए गए हैं. इसका एक द्वार जहां अस्पताल कैंपस से होकर जाएगा तो इसका मुख्य द्वार जेल के समीप रोड से सीधे कनेक्ट होगा.

लिफ्ट की भी सुविधा है उपलब्ध

इस अस्पताल में के दोनों द्वार के समीप से सीढी बनाया गया है जो की चौथे माले तक जाएगा. इसके साथ ही दोनों गेट से सटे 2-2 लिफ्ट भी लगे हैं. डॉक्टर, अस्पताल कर्मी या मरीज एवं उनके परिजन भी इस लिफ्ट की सुविधा ले सकेंगे. इसके साथ ही प्रत्येक माले पर ग्लो साइन बोर्ड भी लगाया गया है. जिससे कि मरीज के परिजनों को कोई परेशानी नहीं हो.


चौथे माले तक रैंप की भी है सुविधा

इस जच्चा-बच्चा अस्पताल में प्रसव पीड़िताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रैंप की भी व्यवस्था की गई है. इस भवन को रैंप से भी कनेक्ट किया गया है, ताकि एंबुलेंस से प्रसव पीड़िता को उतारने के तुरंत बाद उसे लेटे अवस्था में ही रैंप के माध्यम से ट्रॉली बेड से ऑपरेशन थिएटर तक पहुंचाया जा सके अथवा चौथे माले के वार्ड से मरीज को ट्राली के माध्यम से भी नीचे लाया जा सके.

एक छत के नीचे अत्याधुनिक ओटी के साथ मिलेगी सभी सुविधाएं

मातृ शिशु अस्पताल निश्चित तौर पर सारण के लिए मील का पत्थर साबित होगा. यह पूरी तरह डिजिटल लुक में भी नजर आएगा. इसके ओटी में वह सारी अत्याधुनिक मशीनें व सुविधाएं उपलब्ध है जो कि बड़े-बड़े बड़े-बड़े मल्टी सिटी अस्पताल में ही देखने को मिलते हैं. इसके साथ ही 100 बेड के इस अस्पताल में प्रसव पीड़िताओं का अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं आईसीयू के साथ नवजात के लिए एसएनसीयू एवं पैथोलॉजिकल जांच की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी.

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