
SAHARSA DESK – बिहार के सहरसा में एक शिक्षक हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. शिक्षक की हत्या में पिता और छोटे भाई का नाम सामने आया है. पुलिस ने बताया कि पिता ने छोटे बेटे के साथ मिलकर शिक्षक बेटे की हत्या की साजिश रची थी. इसके लिए तीन लाख रुपए की सुपारी दी गई थी. 31 मई को स्कूल जाने के दौरान उसकी हत्या कर दी गई थी. घटना सदर थाना क्षेत्र के रहुआ मनी पुल स्थित चिमनी के पास हुई थी. पुलिस ने आज खुलासा करते हुए कहा कि इस मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. हत्या पारिवारिक जमीन के विवाद को लेकर कराई गई है.

उक्त मामले में मृतक की पत्नी ने प्राथमिकी दर्ज कराया था. गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, 4 जिंदा कारतूस, 4 मोबाइल, एक मोटरसाइकिल बरामद की है. एसपी हिमांशु कुमार ने पीसी कर बताया कि मृतक शिक्षक की पत्नी के लिखित आवेदन पर सदर थाना में मामला दर्ज किया गया था. सदर एसडीपीओ आलोक कुमार और साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी. टीम ने दो शूटर अंशुमन कुमार और सिंटू सिंह को गिरफ्तार किया गया.

3 महीने पहले की गई थी मर्डर की प्लानिंग
गिरफ्तार शूटर ने पूछताछ के दौरान दो और लोगों का नाम बताया, जिसमें एक मृतक शिक्षक सरोज कुमार का छोटा भाई अमर रंजन, दूसरा सिंटू सिंह और उसके पिता बालमुकुंद गुप्ता शामिल हैं. कहा कि शख्स की हत्या को लेकर उसके छोटा भाई अमर रंजन और शिक्षक के पिता बालमुकुंद गुप्ता ने तीन लाख की सुपारी दी थी. मर्डर की प्लानिंग तीन महीने पहले ही की गई थी. एक लाख रुपए शूटर्स को दे दिया गया और दो लाख रुपया पूरा करने के बाद देने की बात कही गई थी. लेकिन तब तक दोनों शूटर की गिरफ्तारी हो गई. घटना का कारण पारिवारिक भूमि विवाद था. वहीं, टीचर की पत्नी ने पहले ही पति के घरवालों पर जमीन विवाद में हत्या का आरोप भी लगाया था. मर्डर वाले दिन भी वह अपनी पत्नी को रोज की तरह स्कूल छोड़कर अपने साफाबाद स्थित स्कूल जा रहा था, तभी उसके पंजरे में गोली मारी गई थी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी.

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