CHHAPRA DESK – सारण जिले के मढ़ौरा थाना क्षेत्र अंतर्गत मढ़ौरा मालगोदाम रोड स्थित आरपीसी हॉस्पिटल में प्रसव के उपरांत जच्चा की मौत के बाद परिवार वालों में कोहराम मच गया. एक वर्ष पहले ही उस महिला की शादी हुई थी और यह उसकी पहली डिलीवरी थी. बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान महिला की स्थिति बिगड़ने पर उक्त नर्सिंग होम संचालक द्वारा उसे बेहतर चिकित्सा के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. जिसके बाद परिजन शव लेकर वहां पहुंचे और हो-हंगामा किया. बताया जाता है कि प्रसव पीड़ा पर उसके मायके वालों ने मढ़ौरा स्टेशन के मालगोदाम रोड में स्थित आरपीसी हॉस्पिटल में सोमवार की संध्या 4 बजे के करीब भर्ती कराया था, जहां साढ़े सात बजे महिला ने नॉर्मल डिलेवरी से एक बच्ची को जन्म दिया था. रात के दो बजे के करीब हालत बिगड़ने पर अस्पताल के कथित चिकित्सक ने उस महिला को जबरन एक एम्बुलेंस में लाद कर छपरा रेफर कर दिया था. मामले में मृतका की मां शिल्हौड़ी पश्चिम टोला निवासी रंजीत राय की पत्नी मंजू देवी ने इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाना में आवेदन दिया है. जिसमें कथित चिकित्सक दिनेश कुमार शर्मा, नर्स और अस्पताल के कर्मियों को आरोपित कर कार्रवाई की मांग की है.

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक का है नर्सिग होम
स्टेशन रोड मालगोदाम रोड स्थित आरपीसी हॉस्पिटल छपरा सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर आरएन तिवारी का बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि अस्पताल जब खोला गया था तब डॉ आरएन तिवारी मढ़ौरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी थे. वर्तमान में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के पद पर हैं. यह भी बताया गया कि अस्पताल के बोर्ड पर उनका नाम और फोटों अंकित है. जबकि वे यहां रहते कम हैं, उनके नहीं रहने की स्थिति में कंपाउंड और नर्स के द्वारा ही मरीजों का इलाज चिकित्सक के रुप में इलाज किया जाता है.

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