
CHHAPRA DESK – जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर के प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने को गंभीरता से लेते हुए प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कारण पृच्छा किया है. दरियापुर के फील्ड ट्रेनर सह शिक्षक राजीव नंदन पटेल को अनुपस्थित रहने और एकमा के फील्ड ट्रेनर सह शिक्षक अमित कुमार प्रसाद व विशाल कुमार को देर से आने पर शोकॉज किया गया है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष का सबसे महत्त्वपूर्ण अभियान जनगणना है. यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है. इसमें कोई भी चूक या लापरवाही अक्षम्य है. असहयोग करने वालों पर जनगणना अधिनियम 1990 की सुसंगत धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. इसके दायरे में कर्मी और अधिकारी भी हैं. उन्होंने जनगणना को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निदेश दिया. कहा कि जनगणना को त्रुटि रहित और समय बद्धता के साथ सफल बनाना हम सबकी जिम्मेवारी है. प्रशिक्षण मूल कार्य का आधार है.

इसे बहुत ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए. जितना अच्छा प्रशिक्षण होगा कार्य उतना ही सटीक और त्रुटि रहित होगा. उन्होंने फिल्ड ट्रेनर को उनके कार्य और दायित्व को समझाते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर की योजनाओं का आधार होता है. जनगणना का मूल मंत्र है कि कोई भी व्यक्ति छूटे नहीं और किसी प्रकार का दोहरीकरण नहीं हो. जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के दो चरण हैं. पहले चरण में मकानसूचीकरण एवं मकान गणना किया जाएगा. इसे अप्रैल माह में संपन्न कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी चरण और बिंदुओं को बहुत ही स्पष्टता के साथ सीखें. तभी अपने नीचे प्रगणक और सुपरवाइजर को उन बातों और तकनीक को पहुंचा सकेंगे. जनगणना के लिए बनाए गए विशेष पोर्टल सीएमएमएस एवं एचएलबीसी के संचालन को मनोयोग से सीखने व हैंडस्ऑन करने का निदेश दिया.

उन्होंने कहा कि इस बार की जनगणना भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी. यह जनगणना के सफर में यह ऐतिहासिक बदलाव है. वहीं मोबाइल ऐप के माध्यम सेल्फ गणना का प्रावधान भी रखा गया है. कोई व्यक्ति अपना जनगणना स्वयं भी कर सकता है. जिलाधिकारी ने प्रचार-प्रसार को महत्तवपूर्ण बताते हुए कहा कि हर नागरिक को पता होना चाहिए कि जनगणना हो रहा है. ताकि वे समय पर अपनी सूचनाएं दर्ज करा सकें. उन्होंने निर्देश दिए कि दो मई से शुरू होने वाले फील्ड कार्य के लिए प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण का ब्लूप्रिंट तैयार रखें. उन्हें सिखाए जाने वाले काम को पहले खुद सीखें तब अधिक स्पष्टता के साथ सीखा पाएंगे. उन्होंने ट्रेनिंग का फीडबैक लेते हुए एक व्हाइट बोर्ड और एक मॉनिटर बढ़ाने का निदेश दिया.

जनगणना के बैक बोन हैं प्रगणक व पर्यवेक्षक
प्रशिक्षण शिड्यूल का परिचय कराते हुए अपर जिला जनगणना अधिकारी सह डीआईओ तारणी कुमार ने बताया कि जनगणना कार्य के प्रगणक और पर्यवेक्षक बैक बोन हैं. उन्हें ही जमीन पर कार्य करना है. फील्ड ट्रेनर उन्हें प्रशिक्षित करेंगे. इसलिए फील्ड ट्रेनर का कॉन्सेप्ट बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए. उन्होंने तकनीकी पहलुओं से परिचय कराते हुए कहा कि यही जनगणना का आधार होगा. इसलिए हैंडस्ऑन बहुत अच्छे से करेंगे. डाऊट क्लियर अवश्य करेंगे.

ऐक्ट, फैक्ट और टैक्ट है महत्तवपूर्ण
राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक सह डीसीएलआर सदर आलोक राज ने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत किया. अपने संबोधन में उन्होंने जनगणना कार्य को बहुत ही सरल ढंग से स्पष्ट करते हुए समझाया. उन्होंने ऐक्ट, फैक्ट और टैक्ट का फार्मूला बताते हुए कहा कि कार्य को व्यावहारिक ढंग से संपन्न कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए. इस अवसर पर जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अंजनी कुमार लाल, सहायक जिला सांख्यिकी पदाधिकारी धर्मजय समेत संबंधित अधिकारी उपस्थित थे.

लाइव डेमो से मिली जानकारी
प्रशिक्षण में पटना से आईं स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर अदिती आनंद व जुली कुमारी ने प्रगणक के फिल्ड में जाने, नजरी नक्शा बनाने, भवन नंबरिंग, गणना करने, सीएमएमएस पोर्टल के संचालन आदि का लाइव डेमो दिया. इस दौरान फील्ड ट्रेनर की तकनीकी शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया. सत्र समाप्ति पर ऑनलाईन जांच परीक्षा और क्षमता आंकलन किया गया.

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