राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ व वात्सल्य भवन का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया उद्घटान ; लोक अदालत में 15.27 करोड़ की हुई वसूली

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ व वात्सल्य भवन का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने किया उद्घटान ; लोक अदालत में 15.27 करोड़ की हुई वसूली

CHHAPRA DESK –  छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ व वात्सल्य भवन का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम नीरज कुमार, जिला पदाधिकारी अमन समीर, पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष, सचिव सह एसीजेएम धर्मेन्द्र कुमार पांडे, मुख्य न्याय रक्षक पूर्णेंद्रू रंजन, विधि मंडल के अध्यक्ष गंगोत्री प्रसाद ने सयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं बिहार राज्य सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु हम सभी बड़ चढ़ कर भाग लेना चाहिए.

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इसे एक उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए और कोशिश होनी चाहिए कि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन हो. लोक अदालत में मामलों की सुनवाई हेतु कुल 13 बेंच बनाए गए थे. जिसमें एक सोनपुर व्यवहार न्यायालय में तथा 12 छपरा व्यवहार न्यायालय में बनाया गया था. सभी बेंचो पर एक एक न्यायिक पदाधिकारी एवं एक एक पैनल अधिवक्ता तथा पारा लीगल वोलंटियर उपस्थित थे.


2714 मामले का हुआ निष्पादन

बता दें कि इस लोक अदालत में कुल 2714 मामले का निष्पादन हुआ. केस के निष्पादन के बाद दोनों पक्षों द्वारा काफी खुशी व्यक्त की जा रही थी. राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी प्रकार के सुलहनिय फौजदारी मामले दीवानी मामले मोटर क्लेम, परिवारिक विवाद संबंधी बैंक के लोन संबंधी मामले ,पानी, बिजली, बीएसएनल संबंधित मामलों की सुनवाई की गई. बैंको में सबसे अधिक भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 5595109 वसूली हुई. कोर्ट मामले में खनन विभाग के भी अत्यधिक मामलों का निष्पादन हुआ.

 

वात्सल्य भवन में महिलाओं को मिलेगी विशेष सुविधा : जिला जज

राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के क्रम में ही नवनिर्मित वात्सल्य भवन का भी उद्घाटन किया गया. उक्त अवसर पर जिला जज ने कहा कि इस वात्सल्य भवन में महिलाओं के लिये सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, बच्चों के लिए क्रेच तथा माताओं के लिये फीडिंग रूम आदि जैसी व्यवस्था की गई है. जिससे कि कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकीलों, महिला कर्मचारी एवं काम करने वाली अन्य महिलाओं को इसका लाभ मिल सके. इस वात्सल्य भवन में उनके जरूरत की अन्य सुविधाओं को भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि उनको या उनके बच्चों को भी यहां किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं हो.

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