
CHHAPRA DESK – छपरा सदर अस्पताल में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के बावजूद असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं. अस्पताल जैसे संवेदनशील माने जाने वाले परिसर में खुलेआम शराब पीकर पार्टी मनाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन इस पर न तो भगवान बाजार थाना की नजर पड़ रही है और न ही अस्पताल प्रशासन की सक्रियता दिख रही है. ताजा मामला सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय और डीएचएस कार्यालय के ठीक सामने का है, जहां रविवार को कार्यालय बंद होने के कारण असामाजिक तत्वों द्वारा शराब पार्टी किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं.

मौके पर शराब की खाली बोतलें और गिलास पड़े हुए पाए गए हैं, जिनकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. यह न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलता है. वही बताया जाता है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. पूर्व में भी कई बार इमरजेंसी विभाग के आसपास शराब और बीयर की खाली बोतलें बरामद की जा चुकी हैं. इसके अलावा डीएचएस कार्यालय परिसर में भी पहले शराब की बोतलें मिल चुकी है. बावजूद इसके, अब तक न तो ठोस कार्रवाई हुई और न ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया.

वही अस्पताल परिसर में मरीज, उनके परिजन, महिलाएं और बच्चे हर समय मौजूद रहते हैं. ऐसे में शराब पार्टी न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और शांति के लिए भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है. मरीज़ो का कहना है कि यदि सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो निगरानी व्यवस्था केवल दिखावा बनकर रह गई है. वहीं आये दिन ऐसी घटना से शराब बंदी की भी पोल खुल रही हैँ. वैसे बिहार में शराबबंदी का ढोल तो पूरी तरह फट ही चुका है.

![]()
