संभालिए : कहीं दूसरी दुनिया में ना पहुंचा दे सड़क के ये धोखे ; क्योंकि यह छपरा की सड़के हैं

संभालिए : कहीं दूसरी दुनिया में ना पहुंचा दे सड़क के ये धोखे ; क्योंकि यह छपरा की सड़के हैं

CHHAPRA DESK – बरसात का दिन हो और सड़कों पर पानी लगा हो तो संभालिए ! यह छपरा की सड़के हैं. यह कभी भी आपको धोखा दे सकती है. जी हां ! छपरा शहर की सड़कों के खुले व टूटे नाले, ऊपर से सड़क पर बने गड्ढे जल जमाव के कारण आपको दिखेंगे नहीं और आपको मंजिल की वजह कहीं और दुनिया में भी पहुंचा सकते हैं. जैसा कि इस फोटो में आप देख रहे हैं कि छपरा शहर के मुख्य मार्ग गुदरी मेन रोड पर गड्ढे के कारण टोटो पैसेंजर लिए किस तरह पानी में पलट जा रहा है और पैसेंजर बड़ी मुश्किल से टोटो से बाहर निकलते हैं.

लेकिन संजोग अच्छा कहिए कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. क्योंकि, टोटो के समीप से ही बस और ट्रक भी गुजर रहे थे, ऐसी स्थिति में कोई बड़ा हादसा हो सकता था. बता दें कि नमामि गंगे योजना, गैस पाइपलाइन योजना और नल जल योजना ने शहर की सड़कों को पूरी तरह तहस-नस कर रखा है. कब नमामि गंगे के गटर का मेन होल कहां से टूट जाएगा और मिट्टी सड़क पर धंस जाएगी यह भी कहना मुश्किल है.

हालांकि कुछ जगह पर लोगों के द्वारा बड़े गड्ढे और टूटे नालू के ऊपर झंडा और खंभा लगा दिया गया है. जिससे कि लोग सावधान हो जाए. लेकिन, मुख्य मार्ग पर जगह-जगह बने गड्ढे बरसात के दिनों में जानलेवा साबित हो रहे हैं. ऐसी स्थिति में नगर निगम और जिला प्रशासन दोनों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं. ऐसी घटनाएं प्राय: प्रतिदिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में होती रहती है. बरसात के बाद सड़कों पर डेढ़ से 2 फीट का जल जमाव हो जाता है.

ऐसी स्थिति में गड्ढे का पता लगाना और अनियंत्रित होकर वाहन दुर्घटना होना यहां के लिए कोई नई बात नहीं है. इसलिए आप छपरा की सड़कों पर खासकर बरसात होने पर सावधानी पूर्वक चलें, कहीं आपकी वाहन दुर्घटनाग्रस्त ना हो जाए और कोई बड़ा हादसा ना हो जाए. खानापूर्ति के नाम पर सरकार मुआवजा तो दे देगी लेकिन उस मुआवजा से आपको क्या मतलब?

Loading

67
E-paper ब्रेकिंग न्यूज़