सारण के गंडामन हादसे की 11वीं बरखी पर 23 मृत बच्चों को पुष्प अर्पित कर किया गया याद

सारण के गंडामन हादसे की 11वीं बरखी पर 23 मृत बच्चों को पुष्प अर्पित कर किया गया याद

CHHAPRA DESK – 11 वर्ष पहले की बात है. आज का ही दिन था, जब गंडामन हादसे के कारण सारण जिले में कोहराम मचा हुआ था. जिला प्रशासन की जहां नींद उड़ी हुई थी, वहीं चारों तरफ 23 बच्चों की याद में मातम था. घटना सारण जिले के मशरक प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत धरमासती गंडामन की है. जहां गंडामन हादसे की 11वीं बरखी पर मृत 23 बच्चों के स्मारक पर मोमबत्ती जला, हवण पूजा कर व पुष्प अर्पित कर नम आंखों से याद किया गय. आज भी मृतक के परिजन अपने लाडलों को याद कर रो पड़ते हैं. उनके दिमाग में मौत का वह मंजर याद आ जाता है जब अस्पताल में एक के बाद एक हर मिनट 23 मासूमों ने दम तोड़ दिया था.

जजौली मुखिया राजेन्द्र प्रसाद यादव के अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, बीईओ डाॅ वीणा कुमारी, जिला पार्षद प्रतिनिधि बिट्टू सिंह, प्रखंड सरपंच संघ के अध्यक्ष व स्थानीय सरपंच अजय कुमार सिंह, जदयू के प्रखंड अध्यक्ष रामाधार सिंह, भाजपा के अध्यक्ष बीरबल प्रसाद, जजौली मुखिया प्रतिनिधि वरूण कुमार यादव, दुरगौली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सत्येन्द्र सिंह, पूर्व मुखिया महेश सिंह,बीडीसी अमीत सिंह, शंकर ठाकुर, सुरेन्द्र यादव, राजू प्रसाद, सत्येन्द्र प्रसाद, हरेन्द्र मिश्र सहित बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण व स्कूली बच्चो ने मोमबत्ती जला व पुष्प अर्पित कर व फुल माला चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इसके पूर्व पंडितों व आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवण पूजा भी किया गया.

क्या है मामला 

बता दें कि 16 जुलाई 2013 को धरमासती गंडामन गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई कर रहे मासूम बच्चे मध्याह्न भोजन के मिलने का इंतजार कर रहे थे. रसोइया ने एक बच्चे को स्कूल की प्रधान शिक्षिका मीना देवी के घर से सरसों तेल लाने को भेजा. सरसों तेल के डिब्बे के पास ही छिड़काव के लिए तैयार कीटनाशक रखा था, जिसे बच्चे ने तेल के बदले कीटनाशक का घोल लाकर दे दिया, जो बिल्कुल सरसों तेल जैसा ही था. रसोइया जब सोयाबीन तलने लगी तो उसमें से झाग निकलने लगा. उसने इसकी शिकायत एचएम मीना देवी से की, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया. उसके बाद जब खाना बनकर तैयार हो गया और बच्चों को दिया गया तो बच्चों ने खाने का स्वाद खराब होने की शिकायत की थी.

जानकारी के मुताबिक बच्चों की शिकायत को नजरअंदाज करते हुए मीना देवी ने डांटकर भगा दिया था. कुछ देर बाद ही बच्चों को उल्टी और दस्त शुरू हो गई. जिसके बाद सभी बच्चों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र से छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया था. उसे दौरान कुछ बच्चों ने रास्ते में तो कुछ बच्चों ने छपरा सदर अस्पताल में दम तोड़ दिया था. वहीं कुछ बच्चे पटना भी रेफर किए गए थे. इस प्रकार उस गंडामन हादसे में कुल 23 मासूम की जिंदगी चली गई थी. जबकि विद्यालय की रसोइया और 25 बच्चे पीएमसीएच में कठिन इलाज के बाद वापस गांव आ पाए थे.

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