CHHAPRA DESK – छपरा शहर में सुचारू यातायात के सारे दावे फेल ही नजर आ रहे हैं. एक तरफ से शहर में अतिक्रमण हटाया जाता है तो दूसरे तरफ से वह स्थल पुनः अतिक्रमित हो जाती है. वही सड़क जाम की समस्या भी जस की तस बनी हुई है. शहर में 5-6 किलोमीटर की दूरी तय करने में काम से कम 60 मिनट लग जाते हैं. जाम फंस गया तो यह समय 2 घंटे भी लग सकता है. सर्वाधिक जाम लगने वाला शहर का हिस्सा श्याम चक मोड़ से काशी बाजार और साहेबगंज से खनूआ तथा मोना चौक का क्षेत्र शामिल है. यहां 9:00 से 11:00 तक और संध्या 4:00 बजे से 5:00 बजेतक प्रायः जाम की स्थिति देखने को मिल जाएंगे.

बता दें कि ट्रैफिक के दृष्टिकोण से शहर को अलग अलग 4 जोन में बांटकर कार्रवाई का निर्देश डीएम के द्वारा दिया गया था जिसमें श्यामचक, दरोगाराय चौक, थाना चौक, मेथवलिया चौक, साढा ढाला, नेवाजी टोला, मठिया मोड़, भिखारी ठाकुर चौक, साहेबगंज, थाना चौक को अलग अलग ट्रैफिक जोन के रूप में चिन्हित करने को कहा गया. प्रत्येक ट्रैफिक जोन में सुगम यातायात में बाधक बिंदुओं की पहचान कर उसके तात्कालिक एवं दीर्घकालिक निदान हेतु अलग अलग कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया. इसके लिये नगर आयुक्त,

अनुमण्डल पदाधिकारी सदर, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी सदर , पुलिस उपाधीक्षक सदर एवं जिला परिवहन पदाधिकारी को शामिल कर एक टीम बनाई गई जो ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिये अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन उपायों को लेकर कार्ययोजना तैयार कर इसका क्रियान्वयन करेगी. लेकिन कार्य अभी तक धरातल पर उतर नहीं सका है. हालांकि ट्रैफिक नियंत्रण के दृष्टिकोण से चिन्हित सभी महत्वपूर्ण पॉइंट पर ट्रैफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है पर जाम की समस्या में कुछ खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है.

काशी बाजार का पुलिया और टूटी-फूटी सड़कें जाम को दे रही बढ़ावा
बता दें कि काशी बाजार में जाम लगने का मुख्य कारण पुलिया का सड़क से ऊंचाई पर बना होना है. जिसे सड़क के समानांतर और पूरी सड़क पर नहीं बनाया गया है. ऐसी स्थिति में एक साथ दो बड़े वाहन पुलिया को पार नहीं कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में बड़े वाहन बारी-बारी से इस पुलिया को दोनों साइड से क्रॉस करते हैं. जिसके कारण जाम लगना स्वाभाविक है. वहीं शहर की सड़के कहीं भी ऐसी नहीं है जहां बिना हिचकोले के वाहन को चलाया जा सके. जो कि जाम में सहायक साबित हो रहे हैं.

![]()
