सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ के कारण सात लोगों की मौत; कई घायल

सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में भगदड़ के कारण सात लोगों की मौत; कई घायल

JAHANABAD DESK – जहानाबाद जिला अंतर्गत बराबर पहाड़ पर स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में देर रात हुई भगदड़ में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल है. घायलों का इलाज जहानाबाद के सदर अस्पताल और मखदुमपुर के रेफरल अस्पताल में चल रहा है. भगदड़ की सूचना मिलते ही आनन फानन में बराबर पहाड़ पहुंचे अधिकारियों की टीम ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंदिर तक पहुंचने के लिए बराबर पहाड़ से होकर तीन अलग-अलग रास्ते मंदिर तक जाते हैं.पहाड़ी के बाद मंदिर तक पहुंचाने के लिए रास्ता काफी संकरा हो जाता है, जिस पर सुरक्षा के ज्यादा बंदोबस्त नहीं थे.

उन्होंने बताया कि सावन माह में सिद्धेश्वर नाथ पर जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं और सोमवार के मौके पर यह संख्या काफी बढ़ जाती है. सोमवार के दिन जल चढ़ाने को लेकर रात से ही कांवरियो के मंदिर तक जाने का सिलसिला शुरू हो जाता है और यह संख्या लाखों तक पहुंच जाता है. घटनास्थल पर मौजूद कावरियों ने बताया कि मृतकों की संख्या और अधिक है लेकिन दुर्गम क्षेत्र होने के कारण उनका अभी पता नहीं चल पाया है. वही प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बराबर पहाड़ और इसके आसपास के क्षेत्र में मृतक और घायलों की तलाश की जा रही है.

इस मामले में एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि वह जल्द ही इस घटना के बारे में आधिकारिक बयान देंगे. सुरक्षा चूक की संभावना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि रविवार की रात को भीड़ ज्यादा होती है. तीन सोमवारी के बाद ये चौथी सोमवारी थी. हम लोग सतर्क थे. सिविल, मजिस्ट्रेट, मेडिकल टीम की तैनाती की गई थी. हादसा कैसे हुआ, जांच के बाद ही आधिकारिक बयान दिया जाएगा. फिलहाल जो घायल हैं, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

क्या कह रहे प्रत्यक्षदर्शी

वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भगदड़ के बाद लोग गिरने लगे और दम घुटने से कई लोगों की मौत हो गई. एक प्रत्यक्षदर्शी ने प्रशासन पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है, जिसके कारण भगदड़ मची. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटनास्थल पर एनसीसी के जवान तैनात थे, लेकिन बिहार पुलिस मौजूद नहीं थी. एक अन्य ने बताया कि पहाड़ी पर पुलिस और लोगों के बीच बहस हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इससे लोग डर गए और पीछे की ओर भागने लगे, जिससे भगदड़ मच गई और लोग नीचे गिरने लगे.

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