CHHAPRA DESK – सोनपुर मेला में बिकने वाले सभी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर खाद्य संरक्षा अधिकारी के द्वारा निगरानी रखी जा रही है. जिसकी निगरानी को लेकर सारण जिला खाद्य संरक्षा अधिकारी सह अभिहित अधिकारी (छपरा, सिवान, गोपालगंज) नारायण राम स्वयं अपनी टीम के साथ मुस्तैदी से प्रतिदिन दर्जनों दुकानों की जांच कर ठेला-खोमचे वालों द्वारा भी पड़ोसे जा रहे चाट-पकोड़े, जलेबी व खाद्य पदार्थों की निगरानी की जा रही है. उसी क्रम में आज फूड इंस्पेक्टर श्री राम के द्वारा मेला स्थित तुलसी स्वीट्स एवं स्नैक्स दुकान की जांच की गई तो पाया गया की दुकान के फ्रिज में 5 केजी दही का पैकेट पड़ा हुआ है, जो कि एक्सपायर हो चुका है.

जिसके बाद उनके निर्देश पर दुकान के प्रोपराइटर दिलीप कुमार के द्वारा उस एक्सपायर दही को डस्टबिन में फेंका गया. वही चाट-पकोड़े से लेकर जलेबी दुकानदारों के द्वारा प्रयोग किये जा रहे रंग एवं खाद्य पदार्थों की भी जांच की गई, जो कि सही पाया गया. बता दें कि खाद्य संरक्षण आयुक्त संजय सिंह, सारण डीएम अमन समीर एवं सिविल सर्जन डॉक्टर सागर दुलाल सिन्हा के निर्देश पर सोनपुर मेला में लगने वाले खाद्य पदार्थ के दुकानों से सैंपल कलेक्ट कर जांच की जा रही है और शक होने पर सैंपल कलेक्ट कर उसे प्रयोगशाला भेजा जा रहा है. इस मामले में फूड इंस्पेक्टर श्री राम ने बताया कि मेले में प्रतिदिन एक से दो दर्जन दुकानों के खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है.

प्रमंडलीय खाद्य संरक्षण अधिकारी श्री राम ने बताया कि मेला में खाद्य पदार्थ विक्रेता दुकानदारों को अस्थाई अनुज्ञप्ति प्राप्त करना अनिवार्य है, नहीं तो उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया की जांच के क्रम में पाया गया कि कई फुटपाथी दुकानदारों के द्वारा अभी तक अनुज्ञप्ति प्राप्त नहीं किया गया है. वैसे दुकानदारों को हिदायत दी गई है कि एक सप्ताह के अंदर में अनुज्ञप्ति प्राप्त कर ले अथवा उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, अगर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में दोष पाया जाता है तो उन दुकानदारों के ऊपर खाद्य संरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिसके तहत 5 लाख का जुर्माना के साथ 6 माह कारावास की सजा भी हो सकती है. मौके पर खाद्य सरंक्षा विभाग के डाटा आपरेटर निलेश कुमार, कार्यालय परिचारी विष्णु भगवान सिंह सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे.

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