CHHAPRA DESK – सारण जिले के गड़खा थाना क्षेत्र से अचानक गायब हुए स्वर्ण व्यवसायी मामले में नया मोड़ आ गया है. वास्तव में स्वर्ण व्यवसाय सचिन का ना तो अपहरण हुआ था और ना ही वह लापता था. हकीकत यह है कि उसकी नीयत बदल गई थी और वह लाखों का गोल्ड और नकद रुपए लेकर चंपत हो गया था. जिसके बाद उसकी प्लानिंग गुजरात के जामनगर में बसने की थी. लेकिन, सारण एसआईटी ने उसके मंसूबों पर पानी फेरते हुए इस पूरे मामले का पटाक्षेप कर दिया. उक्त स्वर्ण व्यवसायी छपरा शहर के नगर थाना अंतर्गत साहेबगंज बूटनबाड़ी मोहल्ला निवासी स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद का पुत्र एवं राजेश गोल्ड का भाई सचिन कुमार है.

विदित हो कि वह व्यापार के सिलसिले में कोलकाता गया था और वहां से वापस लौटने के बाद 21 अगस्त को पटना से छपरा के लिए बस पकड़े. जहां अवतार नगर थाना क्षेत्र में सड़क जाम के कारण वह बस से उतरकर किसी के बाइक पर लिफ्ट लेने के बाद गड़खा पहुंचे, जहां उसे बाइक वाले के द्वारा चिंतामनगंज स्थित एक नर्सिंग होम के सामने ड्रॉप किया गया. लेकिन उसके बाद उस व्यवसायी का कोई ट्रेस नहीं मिला.

गुजरात के जामनगर से हुई बरामदगी
प्रेस वार्ता के दौरान इस बात की जानकारी देते हुए सदर डीएसपी राजकिशोर सिंह ने बताया कि सचिन करीब 20 लाख का सोना लेकर गायब हो गया था. वह पुन: गड़खा से पटना पहुंचा और वहां से ट्रेन पकड़ कर जामनगर पहुंच गया था. जहां, वह रेस्टोरेंट खोलने के चक्कर में था. लेकिन एस आई टी की मदद से उसे जामनगर से गिरफ्तार किया गया है. जिसके पास से 245 ग्राम वजन का सोने का सील, 3 लाख नकद, एक लैपटॉप,

पासपोर्ट एवं अन्य सामान बरामद किया गया है. वही उसके बैंक अकाउंट में भी करीब 5.50 लाख रुपए जमा है. टीम में गड़खा थाना अध्यक्ष सह पुलिस उपाधीक्षक ईशा गुप्ता के साथ थाना के अपर थाना अध्यक्ष शशि रंजन कुमार, पुअनि अमान अशरफ, प्रपुअनि राजीव कुमार, प्रपुअनि अजीत कुमार, प्रपुअनि सुजीत कुमार सहित एस आई टी शामिल थे.
पति-पत्नी के बीच होती रही बात पर पुलिस पर पत्नी बना रही थी दबाव

सचिन नाटकीय ढंग से गायब हो गया और छुपकर जामनगर (गुजरात) में रहने लगा. जबकि परिवार वाले पहले लापता की बात बताएं उसके बाद अपहरण की बात कह कर पुलिस पर दबाव बनाने लगे. लेकिन उस दरमयान सचिन की अपनी पत्नी से मोबाइल पर बात होती रही. जबकि पत्नी के द्वारा इस बात को पुलिस को नहीं बताया गया और पुलिस पर बरामदगी को लेकर झूठा दबाव भी बनाया जाता रहा. वहीं एस आई टी के द्वारा पूरे परिवार के मोबाइल को सर्विलांस पर रखा गया था और भेद खुल गया. जिसके बाद पुलिस जामनगर पहुंची और सचिन को वहां से बरामद कर छपरा लाई.

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