CHHAPRA DESK – छपरा शहर के श्याम चक व मगाईडीह के मध्य नवनिर्मित रेल ओवरब्रिज के नीचे रेल फाटक के बंद होने से सहमे सैकड़ों ग्रामीणों ने आज अपनी मांगों को लेकर महाराजगंज के भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के आवास पहुंचकर आवागमन बहाल रखने का अनुरोध किया. सांसद के सामने पीड़ित महिलाओं ने भावुक होकर जब अपनी व्यथा सुनाई तो सांसद ने लगे हाथ रेल प्रशासन के वरीय अधिकारियों को फोन लगा दिया और अधिकारियों को ग्रामीणों के समस्याओं से अवगत कराते हुए स्थलीय निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग देने की मांग कर डाली. उन्होंने कहा कि जब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं दिया जाता है तब तक पूर्व से जारी आवागमन को बहाल रखा जाए.
वही मांग पत्र को रेल मंत्रालय को अग्रसारित करते हुए इसकी सूचना भारत सरकार को देने के साथ ही पीड़ित ग्रामीणों को हरसंभव मदद करने और उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन का आश्वासन दिया है.बताते चले कि राष्ट्रीय राजमार्ग 331 के मध्य दो रेल फाटक छपरा गोरखपुर रेलखंड समपार 51A तो दूसरा छपरा बलिया रेलखंड समपार 51A है जिससे होकर स्थानीय लोगों का आवागमन सुगम था जिसे रेल प्रशासन द्वारा बंद किया जा रहा है जिसमें से छपरा गोरखपुर रेलखंड के समपार को बंद कर दिया गया है वही दूसरे समपार को बंद करने की कवायद शुरू कर दी गई है.
रेल ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान निर्माणकर्ता द्वारा वैकल्पिक मार्ग देने की बात कही गई थी हालांकि रेल ओवरब्रिज के नीचे रेल मार्ग के दोनों किनारे सीढ़ी मार्ग का निर्माण तो करा दिया गया है लेकिन दोनों रेल मार्गों के बीच गुजर बसर कर रहे लोगों को किसी तरह के वाहन ले जाने की व्यवस्था नहीं की गई है.इन्हीं समस्याओं को दूर करने को लेकर स्थानीय पीड़ित लोगों ने रेल फाटक को यथावत चालू रखने की मांग को लेकर महाराजगंज के लोकप्रिय सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल से मिलकर ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराने के साथ ही मदद करने का अनुरोध किया है.
स्थानीय लोगों की माने तो इस रेल ओवरब्रिज के निर्माण से कोई ऐतराज नहीं है परन्तु ब्रिज के निर्माण के बाद अब रेल मार्गों के मध्य हजारों की आबादी जहां दो भागो में बट गई हैं. सभी ग्रामीण करिंगा पंचायत तथा जगलाल चौधरी कॉलेज छपरा के आस-पास के निवासी है। जो N.H 331 छपरा – बनियापुर पथ पर रेलवे समपार सं० 51A (छपरा- सिवान रेलखण्ड मगाईडीह) एवं छपरा बलिया रेलखण्ड पर रेलवे समपार सं० 51A (श्यामचक) के मध्य सड़क के किनारे अवस्थित हैं. वर्तमान में दोनों रेलवे क्रासिंग के ऊपर नये रेल ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण हुआ है तथा आवागमन संचालित है. नव निर्मित ROB के नीचे पूरब एवं पश्चिम दिशा में तथा दोनों रेलवे क्रासिंग के बीच 7, 8 गाँव एवं शहरी क्षेत्र मिलाकर लगभग 1000 मकान अवस्थित है जिनकी आबादी लगभग 10,000 निवास करती है तो हजारों एकड़ जमीन खेती बारी की है.
शैक्षणिक, व्यवसायिक, स्वास्थ्य, आपातकालीन सेवाओं के साथ ही उनके समक्ष अब मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का डर सताने लगा है. वहीं सड़क मार्ग बंद होने से लाखों की आबादी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा.पूर्व में पीड़ित लोगों द्वारा रेल फाटक के समक्ष प्रदर्शन किया गया था और स्थानीय जिला प्रशासन के साथ ही रेल मंत्रालय, राज्य सरकार और भारत सरकार को मांग पत्र की प्रतिलिपि दी गई थी.अब देखना होगा कि सांसद महोदय के इस अनुरोध का कितना असर रेल प्रशासन पर पड़ता है और निर्माण कार्य को अवरुद्ध करते हुए पीड़ित ग्रामीणों को सुचारू रूप से सड़क की सुविधा जारी रखी जा सकती है.