CHHAPRA DESK – छपरा शहर के विद्युत आपूर्ति अंचल कार्यालय कैम्पस में मानव बल विद्युत कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों के आलोक में एक दिवसीय धरना दिया. मौके पर उपस्थित विद्युत कर्मियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से कंपनी प्रबंधन तानाशाही रवैया अपनाये हुए है. विभाग के मानव बल कर्मियों के तरफ प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है. आये दिन मानव बल स्पर्शाघात के शिकार हो अपनी जान गंवा रहे हैं. लेकिन उनकी सुधी लेने वाला कोई नहीं है. हर घर को रौशन करने वाले बिजली कर्मियों का घर और भविष्य अन्धकार में है. विद्युत कंपनी का लेखा दुरुस्त करने वाले कर्मियों का खुद का कोई लेखा जोखा रखने वाला नहीं है. कंपनी बनने के 12 वर्ष बाद भी मुख्यालय में लेखा कर्मी का कोई पद सृजित नहीं है. नतीजतन सैकड़ो लेखा कर्मी प्रोन्नति से वंचित हैं.
तकनीकी कर्मियों का कंपनी प्रबंधन यार्ड स्टिक नहीं बना रहा है. इसके अलावा भी कई समस्याओ का निराकरण आवश्यक है, जो मांग पत्र के रूप में संलग्न है.सभी कर्मियों ने एक सुर में एजेंसी मुक्त विद्युत परिवार की मांग की. बता दें कि यह धरना मानव बल कर्मियों के द्वारा आज पूरे बिहार के सभी अंचलों में एक साथ दिया जा रहा है. धरना पर बैठे मानव बलों ने कहा कि प्रबंधन अगर कर्मियों की बात नहीं सुनता तो संघर्ष और तेज किया जाएगा. जरुरत पड़ी तो विद्युत कर्मी आम हड़ताल पर जाने का निर्णय भी ले सकते हैं. जिसकी जिम्मेदारी बिजली कंपनी प्रबंधन एवं राज्य सरकार की होगी. बता दें कि संघर्ष के प्रथम चरण में मनोबलों के द्वारा 25 से 30 नवंबर तक काली पट्टी लगाकर कार्य किया गया था.