
CHHAPRA DESK – विश्व मात्यस्की दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान जलीय प्राणियों के संरक्षण पर चर्चा की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता सारण जिला परिक्षेत्र उप मत्स्य निदेशक ने किया. कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि विश्व मत्स्यकी दिवस 21 नवंबर 2015 को शुरू किया गया था. जिसके बाद से प्रत्येक 21 नवंबर को विश्व मत्स्यकी दिवस मनाया जाता है. इस दिवस का मुख्य उद्देश्य जलीय प्राणी का संरक्षण और पारिस्थितिक तंत्र का अत्यधिक दोहन से बचाव करना है. यह दिवस दुनिया भर के मछुआरों और मछली किसानों के साथ एक जुटता दिखाने के लिए समर्पित है.

इसका मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालन के महत्व को उजागर करना, जलीय परिस्थिति तंत्र की रक्षा करना और अत्यधिक मछली पकड़ने जैसे गंभीर खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. ताकि, टिकाऊ मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा सके. उक्त अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी के अलावा मत्स्य जीवी सहयोग समिति के मंत्री, अध्यक्ष, सदस्य, प्रगतिशील किसान, विभाग के क्षेत्रीय प्रभारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.

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