GAYA DESK – गया जिला में कायस्थ समाज से जुड़ी कई कमिटी बनायी गई हैं, लेकिन सिर्फ दिखावा और खुद के फायदे के लिए पदधारक उसका उपयोग कर रहे हैं. आज राजनैतिक क्षेत्र में कायस्थों की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है.क्षअभी हाल में नगर निगम चुनाव में मात्र तीन कायस्थ ही जीत कर सदन पहुंचे है. लोग कायस्थों का वोट लेकर शीर्ष कुर्सी पर बैठ गए लेकिन जीते हुए चित्रांशों में से किसी को भी नगर सरकार में जगह नहीं दिया गया है.

यह बातें ग्लोबल कायस्थ कांफ्रेंस के जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा व जिला महासचिव अधिवक्ता राजीव प्रसाद सिन्हा ने शनिवार को संगठन की बैठक को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि यही नहीं पहली बार एक भी सवर्ण को स्टैंडिंग कमिटी में जगह नहीं दिया गया है. इसके कारण आज चित्रांश परिवार अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है. उन्होंने कहा कि इस बैठक में कायस्थों के उत्थान के लिए कई योजनाओं पर चर्चा की गई है.

शीघ्र कई योजनाएं धरातल पर नजर आने लगेगी. शनिवार के इस बैठक में काफी संख्या में चित्रांशों ने हिस्सा लिया है. इस बैठक में सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय जिला कमिटी का गठन किया गया है. इसमें नगर निगम के वार्ड संख्या 42 के पार्षद राजीव कुमार सिन्हा उर्फ राजू, प्रभात शंकर उर्फ सुनील कुमार सिन्हा और सुनील कुमार सिन्हा उर्फ रिंकू को सर्वसम्मति से वरीय उपाध्यक्ष चुना गया है. वहीं अधिवक्ता राजीव प्रसाद सिन्हा को जिला महासचिव, सुजीत कुमार अम्बष्टा उर्फ बबलू को कोषाध्यक्ष, रंजन कुमार श्रीवास्तव व राजीव कुमार सिन्हा उफ मुन्ना को संगठन सचिव, अमित श्रीवास्तव उर्फ विकास व मनोज कुमार सिन्हा सचिव चुने गए.

इसके अलावा आज के बैठक के दौरान 12 कार्यकारिणी सदस्यों का भी चुनाव किया गया है. इस चुने गए कार्यकारिणी सदस्यों में आलोक सिन्हा मिन्टू, राहुल कुमार सिन्हा, सुमित कुमार सिन्हा, सुनील कुमार सिन्हा, नवीन कुमार सिन्हा, अजय कुमार श्रीवास्तव, शशि कुमार सिन्हा, जितेन्द्र कुमार सिन्हा उर्फ जीतू, सतीश कुमार सिन्हा, अजय कुमार सिन्हा, संजय कुमार सिन्हा, राजीव कुमार सिन्हा उर्फ राजू और दीपक वर्मा उर्फ छोटू शामिल हैं.

साभार : धीरज गुप्ता
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