कोर्ट के आदेश पर 2 वर्ष बाद हाथी पहुंचा अपने मालिक के घर ; खुशी का माहौल

CHHAPRA DESK-  सारण जिले के परसा थाना क्षेत्र के अन्याय गांव से दो वर्ष पूर्व हाथी को बारात घुमाने के नाम पर ले जाने वालों ने हाथी हड़पने की पूरी साजिश रच डाली, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद 2 वर्ष बाद वह हाथी पुनः अपने घर पहुंचा है. हाथी बक्सर जिले में था. गुरुवार की सुबह हाथी का गांव पहुचते ही महावत सहित हाथी मालिक के परिजनों में खुशी का माहौल है.

बताते चलें कि अन्याय निवासी रमेश राय की मां शनिचरी देवी ने कोर्ट परिवाद के तहत परसा थाने में कांड संख्या 305/21 के तहत जालसाजी कर हाथी चोरी में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. जिसमें बक्सर जिले के अधोगिक थाना क्षेत्र के विनय कुमार त्रिपाठी, अनूप तिवारी, धर्मशंकर पांडे सहित पांच लोगों को नामजद किया था.

हाथी बरामदगी मामलें में रमेश राय ने बताया कि मित्रवत व्यवहार के चलते मई 2020 में हाथी को शादी में घुमाने के बहाने बक्सर जिले के पुरुषोत्तम तिवारी के पुत्र अनूप तिवारी ने हाथी को मांगा था. उसके बाद सारण जिले में आयी भीषण बाढ़ से परसा प्रखंड क्षेत्र के अन्याय गांव पूरा जलमग्न होने के कारण हाथी को वही बक्सर में ही छोड़ दिया गया और अगस्त 2020 में मेरे पिता नागेश्वर राय के मृत्यु हो जाने के उपरांत जब उससे हाथी को पहुंचाने को कहा गया तो उसने नागेश्वर राय द्वारा दान में हाथी दिया हुआ का कागज प्रस्तुत किया.

तब जाकर न्यायलय का दरवाजा खटखटाना पड़ा और शनिचरी देवी ने कांड संख्या 305/21 के तहत कोर्ट परिवाद के परसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. जिससे न्यायालय द्वारा एक साल बाद इस मामले की सुनवाई में हाथी को वापस करने का निर्णय लिया गया. तब जाकर बक्सर से हाथी को अन्याय गांव अपने आवास पर वापस लाया गया.

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