हिंदी भाषा ही नहीं विचार भी है जो हमारी संस्कृति की जड़ों को जोड़े रखती है : डॉक्टर मंजू

हिंदी भाषा ही नहीं विचार भी है जो हमारी संस्कृति की जड़ों को जोड़े रखती है : डॉक्टर मंजू

.CHHAPRA DESK – हिन्दी दिवस के अवसर पर छपरा शहर स्थित जयप्रकाश महिला महाविद्यालय में हिन्दी विभाग की ओर से तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ मंजू कुमारी सिन्हा की अध्यक्षता में किया गया. हिन्दी-दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्राचार्या ने हिन्दी को पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने वाली भाषा बताया. साथ ही कहा कि हिन्दी हम सभी भारतीय की पहचान है, जो हमें हमारी संस्कृति और जड़ो से जोड़े रखती है.

हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ रेखा श्रीवास्तव ने भी इस अवसर पर हिन्दी के महत्त्व पर अपने विचारों को प्रकट करते हुए कहा कि यह केवल भाषा नहीं विचार है, भारतीय अस्मिता की प्रतीति है.हिन्दी- विभाग की शिक्षिका नम्रता कुमारी ने कार्यक्रम का आयोजन तथा मंच संचालन करते हुए छात्राओं से ज्यादा से ज्यादा हिन्दी का प्रयोग करने की अपील की. हिन्दी के विकास से देश का विकास जुड़ा है साथ ही यह निखिल राष्ट्र की अंतरात्मा है.

तीन दिवसीय कार्यक्रम में 12 सितंबर को रचनात्मक लेख,13 सितंबर को पोस्टर मेकिंग और निबंध प्रतियोगिता तथा हिन्दी दिवस के दिन भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. अर्थशास्त्र विभाग की डॉ अर्चना सिन्हा ने देश के विकास में भाषा का क्या योगदान रहता है उस पर विस्तार पूर्वक बातें कहीं. निर्णायक मंडल के सदस्यों में अर्थशास्त्र विभाग की डॉक्टर अर्चना सिन्हा, वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ बबीता वर्धन, राजनीति विभाग की डॉ शबाना परवीन मलिक और डॉ रिंकी कुमारी,

दर्शनशास्त्र विभाग की डॉ पूनम कुमारी उपस्थित रहीं. सभी सदस्यों ने हिन्दी दिवस पर अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हुए हिंदी के प्रति अपने प्रेम को भी दर्शाया महाविद्यालय की छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर तीन दिवसीय कार्यक्रम में भाग लिया. रचनात्मक लेख में पुरस्कृत होने वाली छात्राओं में श्रेया, खुशी, अंजलि, भूमि रही. निबंध लेखन प्रतियोगिता में दिव्या, गोडी, मनु पोस्टर मेकिंग में कंचन ,दृष्टि, खुशी, अर्पिता, सुहानी, प्रीति, मधु, विश्वजीत तथा भाषण प्रतियोगिता में प्रगति, सुमन, संजना, तनु प्रिया पुरस्कृत की गई.

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