CHHAPRA DEDK – एक तरफ सारण जिलाधिकारी एवं लोक अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता बंद पड़े चापाकलों को चालू कराने को लेकर प्रयास में लगे हैं और चापाकल मरम्मती दल को हरी झंडी दिखाकर 16 मार्च को उनके द्वारा रवाना भी किया गया. लेकिन, धरातल पर कुछ और ही देखने को मिल रहा है. छपरा शहर में सरकारी स्तर पर लगे चापाकलों की हकीकत की पड़ताल में जब हलचल टीम निकली तो नजारा कुछ और ही देखने को मिला.

शहर के सभी मोहल्लों में लगाये गये लगभग सभी चापाकल बंद पड़े मिले. इन चापाकलों से वर्षों से पानी की एक बूंद तक नहीं टपका है. क्योंकि चापाकल लगाए तो गए लेकिन खराब होने के बाद रिपेयरिंग नहीं किया गया, जिससे ये चापाकल आज तक बंद पड़े हैं. वैसे यह किसी एक-दो मोहल्ले की नहीं लगभग छपरा शहर के सभी मोहल्लों की समस्या है. मोहल्ले वासियों को मानें तो यह सभी चापाकल 3 से 4 वर्ष से बंद पड़े हुए हैं.

किसी चापाकल का हैंडल गायब है तो किसी चापाकल के अंदर का पाईप ही निकाला हुआ है. अगर आप इन चापाकलों को ढूंढने का प्रयास करेंगे तो शायद आसानी से दिखे भी नहीं. क्योंकि, कहीं इन पर कपड़ा सुखाने का काम होता है तो कहीं मवेशी बांधने, या फिर प्लास्टिक के बोरा से ढक दिया गया है. लेकिन इससे ही आश्चर्य की बात यह है कि सड़क किनारे लगे कई चापाकलों के हेड को खोल कर उसमें पंप डालकर उसकी सप्लाई घरों में की जा रही है.

यह सब कुछ हम आपको इस वीडियो के माध्यम से दिखा रहे हैं. शहर के शिव बाजार स्थित हनुमान मंदिर के समिति लेबर चौक पर तीन-तीन चापाकल लगे हुए हैं. लेकिन सभी के सभी बंद पड़े हुए हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि चापाकल 3 से 4 वर्षो से बंद पड़े हुए हैं उनके द्वारा वार्ड पार्षद से लेकर विधायक तक से गुहार लगाई गई लेकिन चालू नहीं हुआ.

क्या कहते हैं पीएचईडी विभाग के कार्यपालक अभियंता
इस विषय पर पूछे जाने पर लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि अगर शहर के भी किसी क्षेत्र में भी सरकारी स्तर पर लगाया गया चापाकल बंद पड़ा हुआ है तो मोहल्लेवासी विभाग के कंट्रोल नंबर : 06152-244791 पर शिकायत कर उसे ठीक करवा सकते हैं. ऐसी शिकायत मिलती है तो उन बंद पड़े चापाकलों की भी मरम्मत कराई जाएगी.

![]()

