AURANGABAD DESK – बिहार की औरंगाबाद पुलिस ने नक्सलियों को हथियार सप्लाई करने वाले ग्रहों का पर्दाफाश करते हुए अवैध तरीके से संचालित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है. वहीं हथियार निर्माण और उसके कारोबार में जुटे 6 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है. जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों दाउदनगर तथा ओबरा में की गई कार्रवाई में पुलिस को यह सफलता हाथ लगी है. दाउदनगर थाना क्षेत्र के जमुआवां में की गई कार्रवाई में पुलिस ने वहां से कई निर्मित तथा अर्ध निर्मित हथियार समेत हथियार बनाने के उपकरण भी जब्त किए हैं.

एसपी स्वप्ना मेश्राम ने बताया कि जमूआवा गांव में बड़े पैमाने पर हथियार का निर्माण किए जाने की मिली सूचना के बाद एएसपी अभियान मुकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. टीम ने जमुआवा गांव के बधार स्थित एक बोरिंग रूम में जब छापेमारी की तब वहां 5 लोगों को हथियार निर्माण के कार्य में जुटा पाया, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. इसके साथ ही वहां से 15 निर्मित थ्रनेट (देसी कार्रबाईन) को भी पुलिस ने जब्त कर लिया.

इसके अलावा लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग रॉड, छेनी, हथौड़ी समेत हथियार बनाने के कई औजार भी पुलिस ने बरामद किए हैं. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की निशानदेही पर गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र में भी छापेमारी की गई. वहां से भी कुछ निर्मित हथियार मिलने की बात उन्होंने कही. पुलिस टीम ने दूसरी कार्रवाई ओबरा थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव मे की जहां से कुख्यात हथियार कारोबारी मुन्ना सिंह को धर दबोचा गया जबकि उसके घर से हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया.

मुंगेर से हथियार मंगाकर मुन्ना उसकी बिक्री का कार्य किया करता था, साथ ही नक्सलियों को भी हथियार उपलब्ध कराए जाने के संकेत मिलने की बात एसपी ने कही.एसपी ने बताया कि उसके घर से 2 राइफल, 2 पिस्टल, भारी संख्या के कारतूस तथा हथियार बनाने के कई औजार बरामद किए गए हैं. एसपी स्वप्ना जी मेश्राम ने इसे पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया और कहा कि टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों तथा जवानों को पुरस्कृत भी किया जायेगा.

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