
CHHAPRA DESK – आम लोगों को ईवीएम मशीन से वोटिंग की विस्तृत जानकारी देने की दिशा में मोबाइल डेमांस्ट्रेसन वैन मील का पत्थर साबित होगा. इससे उनमें ईवीएम के प्रति विश्वसनीयता बढ़ेगी. वहीं वोट प्रतिशत बढ़ाने में भी इससे निश्चित रूप से सहयोग मिलेगा. उक्त बातें सारण प्रमंडलीय आयुक्त राजीव रौशन ने बुधवार को समाहरणालय परिसर से विधानसभा वार कुल दस इवीएम मोबाइल डेमोंस्ट्रेशन वैन को हरी झंडी दिखा कर रवाना करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि इवीएम के प्रचार-प्रसार के लिए यह चुनाव आयोग की महत्वाकांक्षी स्वीप अभियान का हिस्सा है. उन्होंने कहा इन वाहनों के माध्यम से मतदाताओं को न केवल मशीन की कार्यप्रणाली समझाई जाएगी, बल्कि उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) भी दिया जाएगा.

मतदाताओं का बढ़ेगा आत्मविश्वास
जिलाधिकारी श्री अमन समीर ने कहा कि इस पहल से मतदाताओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे मतदान दिवस पर बिना किसी आशंका के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि यदि मतदाता मशीन की कार्यप्रणाली से भलीभांति परिचित होंगे तो वे मतदान केंद्र पर निडर होकर मतदान कर सकेंगे. यह प्रशिक्षण मतदाताओं में तकनीकी आशंका दूर करने और विश्वास जगाने का सबसे प्रभावी तरीका है. इससे मतदाताओं की सहभागिता बढ़ेगी और वोट प्रतिशत में इजाफा होगा.

सख्ती से किया जाए एसओपी का अनुपालन
स्वीप कोषांग के वरीय प्रभारी पदाधिकारी सह डीडीसी श्री यतेंद्र कुमार पाल ने कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव में यह अभियान महत्पूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने वैन पर प्रतिनियुक्त मास्टर ट्रेनर, कार्यपालक सहायक और सुरक्षा बलों को सख्ती से एसओपी का अनुपालन करने की ताकीद की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

हर स्तर पर मानीटरिंग की व्यवस्था
उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद एकबाल ने बताया कि यह वैन जिले के सभी 1814 भवनों में स्थापित कुल 3510 मतदान केंद्रों पर ईवीएम-वीवीपीएटी का प्रदर्शन करते हुए लोगों से मॉक पोल कराएंगे. सभी 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए बनाए गए प्रभारी पदाधिकारी के माध्यम से रूट चार्ट के अनुसार जागरूकता वाहनों का परिचालन किया जाना है. प्रतिदिन इसकी मॉनीटरिंग की जाएगी और आयोग की साइट पर प्रतिदिन रिपोर्टिंग की जाएगी. अनुमंडल स्तर पर एसडीएम, विधानसभा स्तर पर निर्वाचक निबंधन व प्रभारी पदाधिकारी और प्रखंड स्तर पर बीडीओ को वाहनों की प्रतिदिन की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है. इस अवसर पर विधायक जनक सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रविन्द्र कुमार, राजनीतिक दल के प्रतिनिधि विवेक कुमार, प्रभाष शंकर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी अखलाक अंसारी समेत अन्य पदाधिकारी और मास्टर ट्रेनर आदि उपस्थित थे.

आकर्षण का केंद्र होंगे मोबाइल डेमोंस्ट्रेशन वैन
प्रत्येक मोबाइल प्रचार वाहन को विशेष रूप से तैयार किया गया है ताकि मतदाताओं को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके. फ्लैक्स और स्टिकर से सजा कर इसे आकर्षक लुक देने का प्रयास किया गया है. इसपर आडियो-विजुअल सिस्टम, पोस्टर और स्टैंडी लगाए गए हैं ताकि संदेश दृश्यात्मक रूप से भी प्रभावी हो. इन वाहनों पर एक प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर और एक कार्यपालक सहायक की प्रतिनियुक्ति की गयी है जो मतदाताओं को मशीन की कार्यप्रणाली समझायेंगे और उन्हें व्यवहारिक प्रशिक्षण देंगे. साथ ही उनसे पंजी में हस्ताक्षर करा कर रेकार्ड भी रखा जाएगा. प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक वाहन के साथ सुरक्षाबल की प्रतिनियुक्ति भी की गई है. वाहनों के रवाना होने के पूर्व स्वीप कोषांग के नुक्कड़ नाटक मंडली द्वारा रंगा रंग कार्यक्रम आयोजित कर माहौल को उत्सवी बनाया गया.

तीन स्थायी ईवीएम डेमोंसट्रेशन सेंटर कार्यरत
मोबाइल प्रचार वाहनों के अतिरिक्त समाहरणालय परिसर के निर्वाचन शाखा और मढ़ौरा व सोनपुर अनुमंडल मुख्यालय में स्टैटिक ईवीएम डेमोंसट्रेशन सेंटर भी कार्यरत हैं. इन केंद्रों पर प्रतिदिन औसतन 150 नागरिक भ्रमण और वोटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.

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