वार्ड पार्षद का प्राइवेट पार्ट काटने वाली अस्पताल की महिला कर्मी को कोर्ट ने सुनाई 5 वर्ष की सजा ; जाने बीते वर्ष कैसे हुई थी घटना

वार्ड पार्षद का प्राइवेट पार्ट काटने वाली अस्पताल की महिला कर्मी को कोर्ट ने सुनाई 5 वर्ष की सजा ; जाने बीते वर्ष कैसे हुई थी घटना

CHHAPRA DESK –  वार्ड पार्षद का प्राइवेट पार्ट काटने वाली अस्पताल संचालिका को कोर्ट ने दोषी करार दिया है. छपरा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग ने मढ़ौरा थाना कांड संख्या 364/24 के सत्रवाद संख्या 903/24 में एल बी आरोग्य स्वास्थ्य निकेतन मढ़ौरा की महिला स्वास्थ्य कर्मचारी अभिलाषा कुमारी को अंदर दफा 118 (2 ) बीएनएस के अंतर्गत 5 साल सश्रम कारावास एवं पांच हजार का अर्थ दंड नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा एवं 126 (2) बीएन एस की धारा के अंतर्गत एक माह की सजा एवं एक हजार जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त 15 दिन की सजा सुनाई है. दोनों सजा साथ-साथ चलेंगी. बताते चले की मढ़ौरा थाना के मढ़ौरा निवासी तत्कालीन वार्ड पार्षद वेद प्रकाश उर्फ विकास सिंह ने 2 जुलाई 2024 जख्मी हालत में अपना फर्द बयान दर्ज कराया था. जिसमें दर्शाया था कि 1 जुलाई 2024 को करीब 10:30 बजे सुबह अपने निजी काम से घर से बाजार जा रहा था तो रास्ते में एल बी आरोग्य स्वास्थ्य निकेतन हॉस्पिटल, मढ़ौरा के पास पहुंचा तो उसके सर में चक्कर और उल्टी जैसा होने लगा.

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वह तुरंत अस्पताल में गया जहां ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी अभिलाषा कुमारी को सारी बात बतलाई कि उसकी तबीयत खराब हो रही है. जिस पर उसने उसे बेड पर सोने को बोला और उसे एक सुई लगा दिया उसके बाद उसे कुछ याद नहीं है. जब होश आया तो देखा कि वह छपरा सदर अस्पताल में भर्ती है और उसके पास उसके पिताजी मौजूद हैं तब उसे ज्ञात हुआ कि उसका प्राइवेट पार्ट (लिंग) महिला स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा काट दी गई है और उसका गले का सोने का चैन और मोबाइल भी ले लिया गया है. छपरा सदर अस्पताल में इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे पटना रेफर कर दिया गया. अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा एवं उनके सहायक अधिवक्ता सुभाष चंद्र दास ने सरकार की ओर से डॉक्टर और अनुसंधान कर्ता सहित तेरह गवाहों की गवाही न्यायालय में कराई. पुलिस द्वारा 2 अगस्त 2024 को न्यायालय में अंतिम प्रपत्र समर्पित कर दिया गया था.

जाने क्या है पूरा मामला

सारण जिले के मढौरा थाना क्षेत्र स्थित एल बी आरोग्य स्वास्थ्य निकेतन हॉस्पिटल की संचालिका अभिलाषा कुमारी का तत्कालीन वार्ड पार्षद वेद प्रकाश उर्फ विकास सिंह से प्रेम प्रसंग चल रहा था. बता दें कि अस्पताल संचालिका अभिलाषा कुमारी की पहचान एक वर्ष पूर्व वार्ड पार्षद वेद प्रकाश उर्फ विकास से हुई थी और दिन दूनी रात चौगुनी उनका प्यार परवान चढ़ता गया. दोनों के बीच शादी की तिथि भी तय हो गई. उस दरम्यान उनका शारीरिक संबंध भी बनता रहा और शादी के दिन विकास ने उसे धोखा दे दिया. जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा लेकिन सुलह के बाद फिर शादी की तिथि निर्धारित की गई. लेकिन, प्रत्येक शादी की तिथि पर विकास कुछ ना कुछ बहाना बनाकर शादी टालता रहा. फिर विकास और अभिलाषा की शादी की तिथि निर्धारित थी. 1 जुलाई 2024 को अभिलाषा विकास के नाम की मेहंदी अपने हाथों में फिर सजा रखी थी.

उसकी शादी होने वाली थी. लेकिन विकास फिर उससे कन्नी काटता नजर आया. जिसके बाद उसने फोन कर विकास को अपने क्वार्टर पर बुलाया. फिर शराब पिलाया. उसके बाद उसने अपने धोखेबाज प्रेमी के प्राइवेट पार्ट को ही धारदार हथियार से काट दिया. इतना ही नहीं उस पार्ट को कमोड में डालकर फ्लश मार-मार कर उसे शौचालय की टंकी में बहा दिया था. जिसके बाद धोखेबाज प्रेमी पार्षद नशे की हालत में चीखता-चिल्लाता रहा, जिसके बाद उसे मढौरा अनुमंडल अस्पताल से बेहतर चिकित्सा के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर किया गया. लेकिन वहां से वह बेहतर चिकित्सा के लिए पटना के किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका उपचार किया गया था.

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