
CHHAPRA DESK – भारत की जनगणना एक राष्ट्रीय महापर्व है. इसमें सहयोग हर नागरिक का दायित्व और राष्ट्रधर्म है. इसमें पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लें. उक्त बातें बिहार विधान परिषद के सदस्य डाॅ वीरेंद्र नारायण यादव ने रविवार को अपना सेल्फ एनुमरेशन पूरा करते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र के लोक कल्याणकारी स्वरुप का आधार है. इसपर ही देश की योजनाएं और विकासात्मक परियोजनाएं आधारित होती हैं. जितनी सटीक जानकारी और डेटा संग्रहित होंगीं उतना ही प्रभावकारी और उपयोगी कार्यक्रम निर्धारित किए जा सकेंगे. उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि भारत के 8वीं जनगणना हाईटेक मोड में किया जा रहा है. इसे पूर्णतः पेपरलेस बनाने का प्रयास करते हुए डिजिटल बनाया गया है. यह प्रयास ग्लोबल वार्मिंग की समस्या और तकनीक के ईस्तेमाल में सराहनीय पहल के रूप में देखा जाना चाहिए.

डाॅ यादव ने कहा कि इस बार के जनगणना की खासियत है कि लोगों की सहभागिता बढ़ाने का अभिनव प्रयोग किया गया है. स्वगणना का अवसर प्रदान करना जानता को सीधे अभियान से जोड़ता है. इससे जनगणना को लेकर जनता का विश्वास बढ़ेगा. साथ ही डेटा की शुद्धता में पारदर्शिता और त्वरित संधारण में सहायता मिलेगी. मैनुअल ढ़ंग से जनगणना के डेटा को संकलित करने में वर्षों का समय लगता था. मगर डिजिटल जनगणना से यह अधिक सरलता और कम समय में हो सकेगा. जनगणना के बाद निर्मित किए जाने वाले जनगणना रजिस्टर को सरलता से संधारित किया जा सकेगा.

उन्होंने जिला जनगणना कोषांग के कर्मियों की सहायता से अपना स्वगणना पूर्ण किया. यूआरएल पर अपना मोबाइल नंबर डाल कर लॉगिन किया. प्राप्त ओटीपी डाल कर सत्यापित किया. उन्होंने प्रदर्शित गुगल मैप पर अपना आवास चिन्हित कर पुष्टि की. इसके पश्चात उन्होंने कुल 33 प्रश्नों का जवाब चिन्हित करते हुए सबमिट किया. तत्काल लैपटॉप पर एसइ आईडी प्रदर्शित हुआ और उनके मोबाइल पर भी मेसेज द्वारा प्राप्त हुआ. एमएलसी श्री यादव ने कहा कि स्वगणना एक जनअभियान का रूप लेता जा रहा है. गांव गांव में लोग अपनी गणना स्वयं कर रहे हैं.

सेल्फ एनुमरेशन एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है. आम आदमी अपने मोबाइल के माध्यम से भी इसकी इंट्री कर सकता है. उन्होंने आम लोगों से अपील किया कि अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना करें. एक आदमी कम से कम दस लोगों को इसकी जानकारी दे, इसके लिए प्रेरित करे और उनका स्वगणना कराए. जनगणना में लगे अधिकारी और कर्मियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें. उन्होंने कहा कि सारण आंदोलन की धरती है. हमारी परंपरा रही है कि हर अभियान में अग्रणी रहे हैं. जिले की जनता से अपील है कि स्वगणना में सारण को अग्रणी जिलों में शामिल कराने में सहयोग करें.

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