सदर अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक विशेषज्ञ डॉक्टर भी करेंगे पोस्टमार्टम ; पर कैसे ? क्या है नियम ?

सदर अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक विशेषज्ञ डॉक्टर भी करेंगे पोस्टमार्टम ; पर कैसे ? क्या है नियम ?

CHHAPRA DESK –  छपरा सदर अस्पताल में अब सभी चिकित्सकों को पोस्टमार्टम ड्यूटी करना अनिवार्य किया गया है. लेकिन इस आदेश के साथ ही कई सवाल खड़े हो गए हैं. वैसे कुछ चिकित्सकों नें इस पर नाराजगी भी जताई है. उनका कहना है कि उन्होंने कभी पोस्टमार्टम किया नहीं. उन्हें चिकित्सा के अन्य श्रेणी में विशेषज्ञता प्राप्त है. वैसे एमडी एवं एमएस डॉक्टर को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार ही ड्यूटी कराने का प्रावधान और नियम है. ऐसी स्थिति में अगर उन विशेषज्ञ चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराया भी जाए तो इसकी क्या प्रमाणिकता है कि उनका रिपोर्ट सही ही आएगा. क्योंकि पीजी पढ़ाई के दौरान उन्हें ना तो कभी पोस्टमार्टम की ड्यूटी लगती है और ना ही कभी इमरजेंसी ड्यूटी लगती है. ऐसी स्थिति में उनका पोस्टमार्टम ड्यूटी लगाना कहीं ना कहीं सोचने को मजबूर कर रहा है कि वे पोस्टमार्टम करेंगे कैसे ?

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पैथोलॉजिस्ट एवं एनेस्थेटिक कैसे करेंगे पोस्टमार्टम

पैथोलॉजी एवं अन्य एनेस्थीसिया चिकित्सा का वह श्रेणी है जहां एक पैथोलॉजिस्ट सिरिंज से ब्लड निकलना एवं उसे जांच करने तक ही विशेषज्ञ होते हैं. वही हाल एक एनेस्थेटिक डॉक्टर का होता है. जिसका कार्य ओटी में एक मरीज को नियत समय तक बेहोश रखना होता है, ताकि सर्जन उसकी सर्जरी कर सके. अगर ऐसे एमडी/एमएस विशेषज्ञ डॉक्टर, जिन्हें पीजी की पढ़ाई के दौरान पोस्टमार्टम व इमरजेंसी ड्यूटी से भी अलग रखा गया, वे अब पोस्टमार्टम कैसे करेंगे जो कि एक बड़ा सवाल है ? क्योंकि पोस्टमार्टम में शरीर को चीर-फाड़ करके अंगों को देखना एवं यह निष्कर्ष निकलना होता है कि मौत का सटीक कारण क्या हो सकता है ? अगर कोई कहे की छोटे से ट्रेनिंग या क्रैश कोर्स करके कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने में विशेषज्ञता हासिल कर सकता है, तो यह और भी सोचनीय विषय है.

क्या कहते हैं अस्पताल उपाधीक्षक

सदर अस्पताल में सभी चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराने की बात पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर के एम दुबे ने कहा कि अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए एफएमटी ( फॉरेंसिक मेडिकल एंड टॉक्सिकोलॉजी ) की ही जवाबदेही होती है और वे चिकित्सक ही पोस्टमार्टम करते हैं. लेकिन यह टीम मेडिकल कॉलेज में होती है. छपरा के सदर अस्पताल में अथवा मेडिकल कॉलेज में भी यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है. ऐसी स्थिति में एक एमबीबीएस डॉक्टर पोस्टमार्टम कर सकता है तो विशेषज्ञ चिकित्सक क्यों नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के प्रशिक्षण को लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम ओरियंटेशन एवं सपोर्ट कमिटी का गठन किया गया है. जिसमें प्रशिक्षण प्रभारी के रूप में वरीय चिकित्सक डॉक्टर अखिलेश कुमार का चयन किया गया है. उनके द्वारा सभी चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. ताकि वे चिकित्सक भी पोस्टमार्टम कर सके.

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