CHHAPRA DESK – छपरा नगर निगम हो सील हो सकता है. कोर्ट ने फटकार लगाते हुए 15 दिनों की मोहलत दी है. बता दें कि छपरा नगर निगम पर विगत कचरा प्रबंधन को लेकर जिसमें कचरा डंपिंग, कचरा उठवाना एवं उसके निस्तारण को लेकर रिटायर्ड विंग कमांडर एवं वेटरन फोरम के महासचिव डॉक्टर बीएनपी सिंह के द्वारा याचिका दायर की गई थी. जिसे लेकर अपने एक हम फैसले में एनजीटी ने यह आदेश दिया था. जिसमें छपरा नगर निगम को अप्रैल 2020 से दो लाख प्रति माह दंड स्वरूप देना सुनिश्चित किया गया था एवं संबंधित अधिकारियों पर उनके सर्विस बुक में एडवर्स इंट्री किया जाना था,

जिसे लेकर आज छपरा कोर्ट एडीजे ।x के समक्ष एक खास फैसला होना था.कार्रवाई शुरू होने के बाद दोनों पक्षों जिसमें एक तरफ नगर निगम के वकील और दूसरी तरफ वादी डॉक्टर बी एन पी सिंह द्वारा अपना-अपना पक्ष रखा गया. कोर्ट की सुनवाई में वादी द्वारा मांग की गई कि पिछले अप्रैल 2020 से अभी तक का 2 लाख प्रतिमाह फाइन ब्याज के साथ कोर्ट में जमा की जाए एवं जिम्मेदार अधिकारियों की सर्विस बुक में की जाए एवं ना जमा करने के एवज में नगर निगम के दफ्तर को सील कर दिया जाए. जिसमें जरूरी कार्यों जैसे कचरा प्रबंधन के कार्यों को जारी रखा जाए,

ताकि शहर का कचरा उठाने का कार्य अवरोध न हो इसके अलावा नगर निगम के वित्तीय संचालन पर नजर रखने के लिए एक पर्यवेक्षक कोर्ट द्वारा नियुक्त किया जाए. जिसके आलोक में विपक्षी नगर निगम के वकील द्वारा एक माह का वक्त मांगा गया, जिसे लेकर जज ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एवं वादी के विरोध करने पर 15 दिनों का अंतिम समय नगर पालिका को दिया गया. कोर्ट परिसर में वेटरन फोरम के महासचिव एवं रिटायर्ड विंग कमांडर डॉक्टर बी एन पी सिंह, वह पूर्व सैनिक कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, सचिव रमेश प्रसाद सिंह , एयर वेटरन अमृत प्रियदर्शी, वकील सियाराम सिंह एवं मोहम्मद सुल्तान इदरीसी उपस्थित थे.

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