एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई : हथियार के साथ चार शातिर अपराधी गिरफ्तार, दो फरार

एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई : हथियार के साथ चार शातिर अपराधी गिरफ्तार, दो फरार

CHHAPRA DESK –  सारण जिला के मशरक थाना क्षेत्र में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है. थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में चार शातिर अपराधियों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जबकि उनके दो साथी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए. इस कार्रवाई से क्षेत्र में संभावित बड़ी घटना टल गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी मशरक थाना क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. टीम ने चैनपुर ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की.

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इसी दौरान दो गाड़ियों में सवार कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस को देखते ही वे तेजी से भागने लगे. पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनका पीछा किया। पीछा करने के क्रम में एक काले रंग की कार को घेर लिया गया, जबकि दूसरी गाड़ी में सवार कुछ अपराधी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए. पकड़ी गई गाड़ी में सवार चार व्यक्तियों को पुलिस ने दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पानापुर थाना क्षेत्र के बसंतपुर गांव निवासी राजशेखर सिंह उर्फ गोलू सिंह पिता स्व चन्द्रशेखर सिंह‌, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के प्रभुनाथ नगर निवासी हिमांशु कुमार उर्फ गोलू पिता स्व मंजय सिंह, उमा नगर निवासी वरुण राज पिता विजय कुमार तथा प्रभुनाथ नगर निवासी अमृत कुमार सिंह उर्फ रोहित सिंह पिता धर्मेंद्र कुमार सिंह के रूप में की गई है.

वहीं, सतजोड़ा पकड़ी नरोतम निवासी अनिल कुमार सिंह पिता स्व रविन्द्र सिंह और मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के अहियापुर निवासी भैरव त्रिपाठी पिता जगत नारायण त्रिपाठी नामक दो अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस द्वारा की गई तलाशी में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई. बरामद सामानों में 7.65 एमएम और 8 एमएम के कई जिंदा कारतूस, एक देशी कट्टा, विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन तथा नकद राशि शामिल है. इसके अलावा एक काले रंग की मारुति सुजुकी फ्रॉन्क्स कार बीआर 04 एवाई 8273 को भी जब्त किया गया है, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा किया जा रहा था. पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं.

गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे सभी मिलकर हथियार के बल पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हथियार और कारतूस खरीदने के लिए करीब एक लाख रुपये का लेन-देन किया गया था. इसमें कुछ राशि ऑनलाइन माध्यम (फोन-पे) से ट्रांसफर की गई, जबकि शेष राशि नकद दी गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वे पहले भी इस तरह के मामलों में जेल जा चुके हैं. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी द्वारा हथियार और कारतूस उपलब्ध कराए गए थे. वहीं, अनिल कुमार सिंह ने भी हथियार खरीदने में अहम भूमिका निभाई थी.

इस पूरे मामले में पुलिस ने अवैध हथियार रखने, आपराधिक साजिश रचने और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. गिरफ्तार चारों आरोपियों को विधिवत हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान ने कहा कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया है. साथ ही, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्क है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.

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