
CHHAPRA DESK – छपरा सदर अस्पताल में आंखों का ऑपरेशन किए जाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. हालांकि बीते वर्ष भी सदर अस्पताल में आंखों का ऑपरेशन किए जाने को लेकर प्रयास किया गया था. उस दौरान एक से दो ऑपरेशन किया गया लेकिन इसे पुनः बंद कर दिया गया था. क्योंकि सदर अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन के अनुसार ऑपरेशन थिएटर नहीं उपलब्ध हो पाया था. अब अस्पताल में आंखों का ऑपरेशन कराये जाने को लेकर ऑपरेशन थिएटर बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. सब कुछ ठीक-ठाक रहा था इस वर्ष में आंखों का ऑपरेशन भी चालू कर दिया जाएगा. सदर अस्पताल में व्यवस्था को सुदढ बनाने को लेकर आज समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं डीडीसी लक्ष्मण तिवारी की अध्यक्षता में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई.

जिसमें स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई. बताया गया कि एम्बुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिये सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. जहां से सरकारी एंबुलेंस की स्थिति का मॉनिटरिंग किया जा रहा है. बताया गया कि फिलहाल सदर अस्पताल में दो शव वाहन उपलब्ध हैं. निजी वाहन के उपयोग पर रोगी कल्याण समिति के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
वहीं जिला के अस्पतालों में औसत रूप से दवा की उपलब्धता लगभग 90 प्रतिशत से अधिक होना बताया गया.

ऑनलाइन सिस्टम के तहत ही इंजुरी/पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाएं. सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी, ऑफ लाइन इंजुरी बनाने की प्रक्रिया को बंद करें. फिलहाल 66 प्रतिशत इंजुरी रिपोर्ट ऑनलाइन हो चुका है. . सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल सोनपुर, मकेर एवं मांझी में 100 प्रतिशत इंजुरी रिपोर्ट ऑनलाइन है. बैठक के दौरान ओपीडी में प्रति मरीज औसत प्रतीक्षा समय लगभग 30 मिनट निर्धारित करने का निर्देश दिया गया.

वहीं ओपीडी में फरवरी माह में 50 से कम की संख्या में मरीज देखने वाले चिकित्सकों को बैठक में बुलाकर कारण पूछा गया तथा अपेक्षित सुधार लाने का स्पष्ट निर्देश दिया गया. वहीं अनाधिकृत रूप से लंबे समय से अनुपस्थित डॉक्टर को सूचीबद्ध कर विभाग को कार्रवाई हेतु भेजने का निर्देश दिया गया. बैठक में सिविल सर्जन राजकुमार चौधरी, सभी जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी, सभी एमओआईसी, सभी बीएचएम, बीसीएम तथा पार्टनर एजेंसी के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे.

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