सारण की बेटी अंकिता बनीं एसडीएम, 70वीं बीपीएससी में 272वीं रैंक से रचा इतिहास

सारण की बेटी अंकिता बनीं एसडीएम, 70वीं बीपीएससी में 272वीं रैंक से रचा इतिहास

CHHAPRA DESK –  सारण की बेटी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. छपरा शहर के मौना मोहल्ला की रहने वाली अंकिता कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए 272वीं रैंक प्राप्त की है. इस उपलब्धि के साथ उनका चयन अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) पद के लिए हुआ है. अंकिता की इस सफलता से पूरे सारण जिले में खुशी की लहर है, वहीं परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में उत्साह का माहौल है. अंकिता कुमारी सेवानिवृत्त प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) रसिक बिहारी सिंह की पोती हैं. उनके पिता अनिल कुमार सिंह भवन निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता स्वर्गीय किरण देवी थी. अंकिता के नाना स्वर्गीय बिनदेश्वरी राय पौधा संरक्षण पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. उनके मामा राजन कुमार वर्तमान में छपरा जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं.

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बचपन से ही मेधावी रही हैं अंकिता

अंकिता शुरू से ही पढ़ाई में बेहद प्रतिभाशाली रही हैं. उन्होंने वर्ष 2013 में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, छपरा से मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद वर्ष 2015 में राजेंद्र कॉलेज, छपरा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने पटना का रुख किया और पटना वीमेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के कारण वे कॉलेज की गोल्ड मेडलिस्ट भी रहीं. इसके बाद उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की और इस दौरान सिल्वर मेडल प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का एक और प्रमाण दिया.

तीन बार यूजीसी-नेट किया क्वालिफाई

अंकिता की शैक्षणिक उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं. उन्होंने लगातार तीन बार यूजीसी-नेट (UGC-NET) परीक्षा भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की. इसके बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना नहीं छोड़ा और पूरी लगन एवं मेहनत के साथ बीपीएससी परीक्षा की तैयारी जारी रखी.

चौथे प्रयास में मिली बड़ी सफलता

अंकिता कुमारी को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है. लगातार प्रयास, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 272वीं रैंक हासिल कर एसडीएम बनने का गौरव प्राप्त किया. उनकी सफलता उन अभ्यर्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो असफलताओं के बाद निराश हो जाते हैं.

परिवार और गुरुओं को दिया सफलता का श्रेय

अपनी सफलता पर अंकिता ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, मामा-मामी और शिक्षकों के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और गुरुओं के मार्गदर्शन ने उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

अंकिता की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा सारण जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है.

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