SARAN DESK – सारण जिले में अपराधी बेखौफ और बेलगाम हो चले हैं. जब चाहे हत्या, लूट डकैती जैसी वारदातों को सरेआम अंजाम दे रहे हैं. ताजा मामला दोहरे हत्याकांड के एक चश्मदीद गवाह अधिवक्ता (पिता -पुत्र) के भतीजे की गोली मार का निर्मम हत्या कर दी गई है. वहीं, वहीं दूसरे भतीजे की स्थिति नाजुक बताई जा रही है. घटना बीती रात्रि शहर के मुफस्सिल थाना अंतर्गत मेथवलिया चौक के समीप उस समय हुई जब वे चौक की तरफ गए थे. मृत युवक स्थानीय थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव निवासी रामदेव राय के 32 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार के रूप में की गई है. जबकि उसके छोटे भाई 26 वर्षीय मनीष कुमार के कान में गोली लगी है जिनकी स्थिति नाजुक बतलाई जा रही है और उसे पटना रेफर किया गया है. इस घटना के बाद पूरे घर परिवार में कोहराम मच गया हालांकि परिवार वाले दोनों भाइयों को उठाकर सदर अस्पताल पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक के द्वारा पंकज कुमार को मृत घोषित कर दिया गया. जबकि, मनीष कुमार को पटना रेफर किया गया. इस घटना के बाद जिला प्रशासन के द्वारा देर रात्रि में ही शव का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद उसे परिवार वालों को सौंप दिया गया.

सड़क जाम कर काटा बवाल
पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिवार व स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया. उस दौरान पुलिस के मान-मनौव्वल के बाद भी करीब 3 घंटे तक सड़क जम रहा. मृतक की पत्नी ने बताया कि बीती रात मुफस्सिल थाना से लगातार फोन आ रहा था कि वह आकर मिले. उस दौरान पीड़ित परिवार ने बताया कि गांव के समीप थी 112 डायल पुलिस वाहन भी खड़ी थी. पंकज लगातार फोन आने के बाद वह अपने छोटे भाई मनीष के साथ जा रहा था, तभी मेथवलिया चौक पर घात लगाए अपराधियों ने उनके ऊपर फायरिंग कर उसके पति को मौत के घाट उतार दिया. जबकि वे लोग लगातार सुरक्षा की मांग कर रहे थे.

क्या है पूरा मामला और कैसे हुई हत्या ?
यह पूरा मामला भूमि विवाद से जुड़ा है, जहां बीते वर्ष 12 जून 2024 की सुबह छपरा शहर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित दुदहीया पुल के समीप घर से कोर्ट जा रहे स्थानीय निवासी 70 वर्षीय अधिवक्ता राम अयोध्या प्रसाद यादव तथा उनके अधिवक्ता पुत्र 26 वर्षीय पुत्र सुनील यादव को अपराधियों ने गोलियों से भून डाला था. दोनों की मौत अस्पताल पहुंचने के क्रम में हो गई थी. जिसके बाद अस्पताल में कोर्ट के पीपी समेत वकीलों का हुजूम उमड़ पड़ा था. इस हत्या का आरोप उनके खास पट्टीदार विजय राय एवं अन्य पर लगा था. उनका भतीजा पंकज हत्याकांड का एक गवाह था.

![]()

