CHHAPRA DESK – उत्तराखंड के उत्तरकाशी टनल हादसे में रेस्क्यू ऑपरेशन का आज तेरहवां दिन है. बचाव दल सुरंग के अंदर फंसे 41 मजदूरों को निकालने के बहुत करीब पहुंच गया है. अब मजदूरों और रेस्क्यू टीम के बीच महज कुछ मीटर की दूरी है. हालांकि, प्लेटफॉर्म पर दरारें दिखाई देने के बाद ड्रिलिंग रोकनी पड़ी थी. लेकिन अब रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

बता दें कि उत्तराखंड स्थित उत्तरकाशी टनल हादसे में फंसे मजदूरों में छपरा का सोनू भी शामिल है. सोनू समेत उसके कई साथियों के टनल में फंसे होने से छपरा में उसके परिवार की सांसें थमी है. परिवार के लोग लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों से बात की है और अपने से सकुशल होने की जानकारी दी है. जिसके बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली है.

सोनू ने पत्नी सहित अपने परिवार के सदस्यों से बात की है. पत्नी ने कहा कि सोनू ने उससे बार-बार कहा कि अब चिंता मत करो और हम जल्द ही मिलेंगे. उसकी पत्नी और एक साल की बेटी छपरा के एकमा के देवपुरा गांव में रहते हैं. सोनू के टनल में फंसे होने की खबर सुनकर उनके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है. सोनू के पिता ने बताया कि अब भगवान का ही सहारा है.

विदित हो कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी में चार धाम प्रोजेक्ट के तहत बन रही सिल्कयारी टनल 12 नवंबर को लैंडस्लाइड के बाद बड़ा हादसा हो गया. एक बड़ा मलबा निर्माणाधीन सुरंग पर आकर गिर गया था, जिसकी वजह से अंदर काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे. तब से लगातार बचाव अभियान चल रहा है. इंटरनेशनल टनलिंग एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स ने कहा, ड्रिलिंग मशीन तीन बार खराब हो चुकी है. यह शुक्रवार तक ठीक हो जाएगी.

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