
CHHAPRA DESK – वर्षों से बंद पड़े मढ़ौरा चीनी मिल परिसर में मानव क्रांति जनआंदोलन के बैनर तले आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वीर आदित्य ने की. बैठक में जिले के कई पंचायत-प्रखंडों से आए क्रांतिकारी युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सारण जिला के दर्जनों सोशल मीडिया पत्रकारों ने निस्वार्थ रूप से भाग लिया. बैठक में कमिटी ने सर्वसम्मति से तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए. जिसमें बिहार की पहली मढ़ौरा चीनी मिल को सरकार सबसे पहले चालू करने की मांग शामिल हैं.
सदस्यों ने कहा कि मढ़ौरा चीनी मिल सिर्फ एक पुरानी धरोहर नहीं, बल्कि बिहार की औद्योगिक पहचान है.

इसे पुनः चालू करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार का मार्ग खुलेगा और पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में नई ऊर्जा आएगी. वहीं चीनी मिल की करोड़ों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी नियुक्त किया जाना शामिल है. उन्होंने बताया कि मिल परिसर में मौजूद कीमती लोहे, मशीनों और अन्य पार्ट-पुर्जों के लगातार हो रहे नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई. तय किया गया कि 19 दिसम्बर को मढ़ौरा SDM और सारण DM को ज्ञापन देकर मिल की संपत्ति की सुरक्षा हेतु स्थायी सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की मांग की जाएगी.

उन्होंने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए 21 दिसम्बर को पुनः मिल परिसर में ही बैठक आयोजित की जाएगी..सभा में भारी संख्या में युवाओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मढ़ौरा चीनी मिल को पुनर्जीवित करना सिर्फ एक औद्योगिक मांग नहीं, बल्कि सारण के विकास और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है. आंदोलनकारियों ने बिहार सरकार से मांग की है कि बंद पड़ी मढ़ौरा चीनी मिल को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल चालू करने की प्रक्रिया शुरू की जाए,

ताकि क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और विकास की नई राह स्थापित हो सके. बैठक में मुख्य रूप से संयोजक वीर आदित्य, सह संयोजक दिलीप साह, पंकज यादव, धनंजय यादव उर्फ कालिदास, अभय रंजन, डॉ. विशाल कुमार, रामबाबू राम, जयराम महतो, अधिवक्ता बीरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह कुशवाहा, अनिल कुमार राम, राणा कुमार, नितीश कुमार सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्रन्तिकारी युवा शामिल रहे.

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