
CHHAPRA DESK – .प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जनगणना कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में लगाए गए शिक्षकों को मार्क ऑन ड्यूटी के तहत उपस्तिथि बनाने का आदेश दिया है. उन्होंने पत्र के माध्यम से आगामी 19 मई तक यह सुविधा दी है. साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त अवधि में जनगणना संबंधी कार्य को गंभीरता, संवेदनशीलता और तन्मयता के साथ पूर्ण किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्य के प्रति लापरवाही को किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं किया जाएगा. ऐसे लोगों पर जनगणना अधिनियम 1948 की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

मकान सूचीकरण कार्य ने पकड़ा जोर
भारत की जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य गति पकडने लगा है. प्रगणक और पर्यवेक्षक ने अपने क्षेत्र का भ्रमण कर सत्यापन पूरा कर लिया है. जबकि मकानों पर नंबर डालने का काम शुरू हो गया है. प्रगणक सम्भवतः मंगलवार से एचएलओ मोबाइल ऐप पर घर घर जाकर सूचना एकत्र करना प्रारंभ करेंगे.

दिन में तीन बार हो रही है समीक्षा
जिलाधिकारी जनगणना के कार्यो को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं. प्रतिदिन 11 बजे, दोपहर दो बजे और संध्या पांच बजे सभी 30 चार्ज से कुल आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है. जिलाधिकारी सीधे कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को निदेश दिया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है. इसे अति गंभीरता के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए. उनके निर्देश पर जिला सांख्यिकी कार्यालय में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है. वहीं सभी 30 ग्रामीण और शहरी चार्ज में भी कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है. जहां से लगातार प्रगणक और पर्यवेक्षक की निगरानी करते हुए कार्य का प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त किया जा रही है.

डीसीओ के नोडल और ऑब्जर्वर हैं भ्रमणशील
जनगणना कार्य निदेशालय बिहार के द्वारा जिला नोडल के रूप में प्रतिनियुक्त एसएलएमटी अदिति आनंद और ऑब्जर्वर आयुषी सिंह लगातार जिले में कैम्प कर रही हैं. दोनों अधिकारी लगातार चार्जों का भ्रमण कर तकनीकी पहलुओं को देख रही हैं. वे जनगणना के लिए बनाए गए विशेष पोर्टल सीएमएमएस और एचएलबीसी के द्वारा ले-आउट मैप और वेब-मैप का जमीनी स्तर पर मिलान कर शुद्धिकरण का कार्य कर रही हैं. उनके साथ जनगणना कोषांग के शशि शेखर, श्री कांत, राजीव चौधरी और विनय कुमार सिंह भी लगातार भ्रमण कर रहे हैं.

एनआईसी से तकनीकी सहायता
जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी सह अपर जिला जनगणना अधिकारी तारणी कुमार के नेतृत्व में एनआईसी तकनीकी कन्ट्रोल रूम का कार्य कर रहा है. वहां से लगातार चार्ज द्वारा गुगल फॉर्म से रिपोर्ट प्राप्त किया जा रहा है. साथ ही समयानुसार संकलित प्रगति प्रतिवेदन से जिलाधिकारी को अवगत कराया जा रहा है. वहीं सीएमएमएस और एचएलबीसी पोर्टल के द्वारा रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा रही है. आवश्यकता पड़ने पर सभी प्रकार की तकनीकी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है.

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