
CHHAPRA DESK – बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार बुद्ध मार्ग पटना एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश- सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार छपरा पुनीत कुमार गर्ग के निदेशानुसार, सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रांगण में यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013, जिसे POSH एक्ट के नाम से जाना जाता है, के जागरुकता हेतु शिविर का आयोजन किया गया. इस अभियान में मुख्य अतिथि के रूप में पॉक्सो (POCSO) न्यायाधीश स्मिता राज उपस्थित रहीं. उक्त जागरूकता शिविर में राजीव कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), साक्षी प्रखर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, आकाश कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, छपरा बार के सचिव शशि भूषण तिवारी, मुख्य लैंड्स पूर्णेन्दु रंजन, पैनल अधिवक्ता सुनीता कुमारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहें. पॉक्सो न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति के लिए वहां महिलाओं का सुरक्षित महसूस करना अनिवार्य है. उन्होंने ‘पोष’ अधिनियम की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि महिलाओं के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या अवांछित व्यवहार को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

इस अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, साक्षी प्रखर ने जागरूकता शिविर में उपस्थित सभी महिला कर्मचारियों एवं महिला अधिवक्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यदि उन्हें कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की समस्या अथवा उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो वे बिना किसी संकोच के ‘पोष’ समिति के समक्ष अपनी शिकायत प्रस्तुत करें. उन्होंने आश्वस्त किया कि समिति द्वारा शिकायतों का विधिसम्मत, निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने जानकारी दी कि प्रत्येक संस्थान जहां 10 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां एक ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (ICC) का होना कानूनी रूप से अनिवार्य है. उन्होंने जोर दिया कि पीड़ित महिला बिना किसी डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है और उसकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है. सचिव ने आगे बताया कि यदि किसी महिला को कानूनी सलाह या सहायता की आवश्यकता है, तो वह किसी भी कार्य दिवस में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क कर सकती है.

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