बारिश के बाद मिट्टी व कीचड़ के कारण सदर अस्पताल में मरीजों का आना जाना बना परेशानी का सबब

बारिश के बाद मिट्टी व कीचड़ के कारण सदर अस्पताल में मरीजों का आना जाना बना परेशानी का सबब

CHHAPRA DESK –  पहली बारिश में ही सदर अस्पताल की व्यवस्था की पोल खुल गई. अस्पताल परिसर में जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ फैल जाने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. ओपीडी और इमरजेंसी तक पहुंचने के दौरान लोगों को पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा, कई मरीज व परिजन इसमें गिरते-गिरते बचे. वहीं संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ गई है. जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल में जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए मार्च माह में नाला निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी यह कार्य अधूरा पड़ा है. नाला निर्माण का ब्रेकअप देखें तो शुरुआत में तेजी दिखी, परंतु कुछ ही दिनों बाद काम की रफ्तार धीमी पड़ गई. कई स्थानों पर नाला की खुदाई कर छोड़ दी गई, जिससे रास्ते और भी खराब हो गए. वही पहली बारिश ने ही अधूरे निर्माण की खामियों को उजागर कर दिया. जहां नाला बनना था, वहां पानी जमा हो गया और आसपास कीचड़ फैल गया. अस्पताल आने वाले मरीजों, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को इससे काफी दिक्कत हुई.

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कई लोगों ने फिसलने और गिरने की शिकायत भी की. वही स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर नाला निर्माण पूरा कर लिया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती. अब जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है. क्योंकि जल जमाव वाले जगह पर ना तो किसी तरह की सफाई की व्यवस्था की गई है और ना ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया है.वही अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. वही अगर जल्द से जल्द नाला निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है तो आने वाले बरसात के मौसम में और भी भयावह स्थिति हो जाएगी. वही इस संदर्भ में पूछे जाने पर उपाधीक्षक डॉक्टर के एम दुबे ने बताया कि एजेंसी के द्वारा कार्य क़ो तेज़ी से कराया जा रहा था क्यों रोक दिया गया है इस संदर्भ में कोई जानकारी नहीं है.

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