
PATNA DESK – लखीसराय में ग्रामीण कार्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लखीसराय ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. उन पर सड़क निर्माण विभाग द्वारा आयोजित एक टेंडर प्रक्रिया के दौरान एक ठेकेदार के अनुभव प्रमाण पत्र का गलत सत्यापन करने के गंभीर आरोप हैं. इस विभागीय कार्रवाई से इंजीनियरिंग जगत में हलचल मच गई है. मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला बिटुमिनस मैस्टिक वर्क से संबंधित एक फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र से जुड़ा है. जब सड़क निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.जांच में पता चला कि ठेका लेने वाली फर्म, DK Brothers Trade, द्वारा जमा किए गए अनुभव प्रमाण पत्र में मैस्टिक वर्क का जिक्र था,

जबकि असल में वह काम कंपनी ने किया ही नहीं था. इसके अलावा, ग्रामीण कार्य विभाग इस तरह का काम करता ही नहीं है. साथ ही, अन्य कार्यों की मात्रा और विवरण में भी काफी अंतर देखने को मिला, जिससे प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ और जालसाजी के मामले की पुष्टि हो गई. बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, ग्रामीण कार्य विभाग के मुख्य अभियंता को एक रिपोर्ट भेजी और दोषी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की. इसके बाद, इस सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार को निलंबित कर दिया.दिलचस्प बात यह है कि लखीसराय ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने खुद 13 फरवरी 2026 को डीके ब्रदर्स ट्रेड के प्रोपराइटर के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

उन्होंने कहा था कि संवेदक द्वारा विभाग को गुमराह करने और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया. बावजूद इसके विभाग ने उन्हें भी इस पूरे मामले में जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की है. इधर, कवैया थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 338 और 336(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अब इस पूरे प्रकरण में विभागीय जांच के साथ-साथ पुलिस जांच भी तेज हो गई है. मामले का खुलासा जी मीडिया संवाददाता राज किशोर मधुकर ने आरटीआई से किया. इसके बाद विभाग सक्रिय हुआ. इधर कारवाई के बाद ग्रामीण कार्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

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