मढ़ौरा रेल फैक्ट्री से गिनी गणराज्य के लिए 51वां इंजन रवाना ; रेल मंत्री व मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

मढ़ौरा रेल फैक्ट्री से गिनी गणराज्य के लिए 51वां इंजन रवाना ; रेल मंत्री व मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

CHHAPRA DESK –  मढ़ौरा स्थित रेल लोकोमोटिव फैक्ट्री से अफ्रीकी देश गिनी गणराज्य के लिए 51वें अत्याधुनिक डीजल लोकोमोटिव इंजन को आज 19 जून को रवाना किया गया. इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद राजीव प्रताप रूडी तथा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इंजन को रवाना किया. तालपुरैना स्थित फैक्ट्री परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री एवं मुख्यमंत्री ने संयंत्र का निरीक्षण किया तथा इंजन निर्माण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई. मढ़ौरा में निर्मित ये इंजन गिनी गणराज्य की सिमांडौ रेलवे परियोजना में उपयोग किए जाएंगे. इस परियोजना के तहत कुल 143 अत्याधुनिक 4500 हॉर्सपावर के डीजल लोकोमोटिव इंजन अफ्रीका निर्यात किए जाने हैं. भारतीय रेल और वेबटेक के संयुक्त उपक्रम मढ़ौरा लोकोमोटिव कंपनी द्वारा निर्मित ये इंजन भारत को रेल इंजन निर्यातक देशों की श्रेणी में स्थापित कर रहे हैं.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मढ़ौरा में बने इंजनों की गुणवत्ता विश्वस्तरीय है और आज दुनिया भारतीय तकनीक पर भरोसा जता रही है. उन्होंने बताया कि इस प्लांट से बिहार को अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपये का जीएसटी लाभ प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले बिहार के लिए रेलवे का वार्षिक बजट लगभग 1000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये हो गया है. वर्तमान में बिहार में रेलवे की करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है. राज्य में 2034 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं तथा 98 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. इसके अलावा बिहार में 14 वंदे भारत और 11 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहा. निरीक्षण एवं इंजन रवाना करने के बाद वे सीधे फैक्ट्री परिसर स्थित हेलिपैड पहुंचे और वहां से तारापुर के लिए रवाना हो गए. इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की.

प्रधानमंत्री ने दिखाई थी पहले इंजन को हरी झंडी

गौरतलब हो कि गिनी गणराज्य के लिए पहले इंजन को गत वर्ष 20 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. यह मढ़ौरा फैक्ट्री का पहला विदेशी ऑर्डर है. करीब 3000 करोड़ रुपये की इस परियोजना ने भारतीय रेल इंजन निर्माण उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई है.

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