
CHHAPRA DESK – ऊर्जा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राजधानी पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा ऊर्जा प्रक्षेत्र की कुल 1278 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया गया. साथ ही प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 1512 करोड़ रुपये की लागत से राज्य के 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र अधिष्ठापन कार्य का भी शुभारंभ किया गया. राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जिला मुख्यालय में भी किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के पदाधिकारियों एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ कुटीर ज्योति योजना के लाभार्थियों ने भाग लिया. जिला मुख्यालय छपरा में आयोजित कार्यक्रम में सांसद महराजगंज जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति, सहायक अभियंता विद्युत, विद्युत विभाग के अन्य पदाधिकारी तथा सारण जिले के लगभग एक दर्जन कुटीर ज्योति योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे.

उक्त अवसर पर जिले से संबंधित कई महत्वपूर्ण विद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया गया. जिनमें रिविलगंज प्रखंड अंतर्गत सिताब दियारा 33/11 केवी विद्युत शक्ति उपकेंद्र का लोकार्पण, 132 केवी छपरा-एकमा-रघुनाथपुर सिंगल सर्किट संचरण लाइन (लंबाई 77 सर्किट किलोमीटर) का उद्घाटन तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत मांझी में सौर ऊर्जा परियोजना का लोकार्पण शामिल है. इन परियोजनाओं से सारण जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी. विशेष रूप से सिताब दियारा क्षेत्र के उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी, जबकि नई संचरण लाइन विद्युत वितरण तंत्र की क्षमता एवं विश्वसनीयता को बढ़ाएगी. वहीं मांझी में स्थापित सौर ऊर्जा परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के कुछ जिलों के लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया. प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले के लगभग 4,000 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को भी लाभान्वित किया जाएगा. योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सरकार द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे उन्हें स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध होगी तथा बिजली व्यय में कमी आएगी. यह योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे इन निवेशों एवं परियोजनाओं से राज्य में विद्युत अवसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की प्रगति को और गति प्राप्त होगी.
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