
CHHAPRA DESK – सारण जिले में अपराधी आभूषण लूट का नया तरीका अपना रहे हैं. वे ग्राहक बनकर आभूषण दुकान पर पहुंचते हैं और सोने का लॉकेट खरीदने के बहाने कभी आभूषण का डब्बा तो कभी अन्य आभूषण लेकर दुकान से भाग जा रहे हैं. दुकान के आसपास उनके साथी बाइक स्टार्ट कर खड़े रहते है, जिससे वह भागने में सफल हो जाते हैं. क्योंकि, अपराध के इस तरीके से दुकानदार सचेत नहीं हो पा रहे हैं और अपराधी फरार हो जा रहे हैं. ऐसी तीसरी वारदात आज जिले के रिविलगंज थाना क्षेत्र से सामने आई है. जबकि पहली वारदात भी रिविरगंज बाजार से ही शुरू हुई थी और दूसरी वारदात छपरा शहर के भगवान बाजार थाना अंतर्गत गुदरी बाजार सोनार पट्टी स्थित ईश्वर दयाल बच्चा प्रसाद शर्राफ की दुकान पर बीते दिनों घटी थी, जहां 60 ग्राम आभूषण लेकर अपराधी फरार हो गए थे. ताजा मामला जिले के रिविलगंज थाना अंतर्गत रिविलगंज बाजार स्थित शंभू प्रसाद के 32 वर्षीय पुत्र राहुल सोनी के दुकान पर घटी,

जहां अपराधी दुकान से आभूषण लेकर भागने के क्रम में पकड़े जाने पर आभूषण तो फेंक दिए लेकिन बाइक छोड़कर एक कार में सवार होकर भाग निकले. वही समाचार प्रेषण तक इस मामले में प्राथमिकी की प्रक्रिया जारी थी. घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि एक बाइक से दो अपराधी उसे दुकान पर पहुंचे थे और लॉकेट देखने के बहाने बॉक्स से 5-7 लॉकेट लेकर भागने लगे. दुकान से निकलने के क्रम में राहुल ने उसे पकड़ लिया, जिससे उसका शर्ट फट गया और वह सोने का लॉकेट वहीं फेंक दिया. जब तक राहुल सोने का लॉकेट उठाने में लगा तब तक वे अपनी बाइक छोड़ समीप के कार में बैठकर भाग निकलने में सफल रहे. बताया जा रहा है कि बाइक के साथ अपराधियों ने अपनी कार भी कुछ दूरी पर खड़ी कर रखी थी जिसका फायदा उन्हें मिला.

रिविलगंज से ही शुरू हुई थी पहली वारदात
बीते 6 अप्रैल को अपाचे बाइक सवार दो अपराधियों के द्वारा रिविलगंज बाजार स्थित श्री ज्वेलर्स दुकान पर ग्राहक बनकर प्रवेश किया गया. जहां दुकानदार से सोने का लॉकेट दिखाने को कहा गया. ग्राहक के मांग पर दुकानदार द्वारा सोने के लॉकेट दिखाने कि लिए आभूषण का डब्बा निकालकर काउंटर पर जैसे ही रखा कि बदमाश आभूषण सहित डब्बा लेकर फरार हो गये. उस संबंध में दुकानदार सत्यदेव प्रसाद ने बताया कि घटना के समय दुकान में मेरे साथ एक छोटा लड़का ही था. मेरा बेटा जो ज्यादातर दुकान संभालता है वह दोपहर में खाना खाने के लिए घर गया था. उसी दौरान एक बदमाश ग्राहक बनकर दुकान में प्रवेश किया और आभूषण दिखाने को कहा. बदमाश ने मेरे साथ बैठा छोटे बच्चे को गुटखा लाने के लिए दुकान से बाहर भेज दिया. वह आभूषण दिखाने के लिए डब्बा निकला तब तक बदमाश आभूषण सहित डब्बा लेकर भाग गये. उसके बाद हल्ला मचाया तो आसपास के लोग दौड़कर आये. उन्होंने बताया कि एक बदमाश दुकान में प्रवेश किया था जबकि दो अन्य बाहर मोटरसाइकिल लगा खड़े थे. उन्होंने बताया कि बदमाश करीब साढ़े नौ लाख रुपए मुल्य के सोने की आभूषणों को लेकर भागे थे.

शहर के सोनार पट्टी से भी ले भागे 60 ग्राम स्वर्णाभूषण
जबकि बीते 5 जून को शहर के भगवान बाजार थाना अंतर्गत सोनार पट्टी में एक बाइक सवार दो अपराधी पहुंचे और एक अपराधी ईश्वर दयाल शर्राफ दुकान में प्रवेश कर गया, जो कि कैप लगाए हुए था, ताकि उसका पूरा चेहरा सीसीटीवी में नहीं आ सके. उस समय दुकान पर ईश्वर दयाल शर्राफ के पुत्र बच्चा शर्राफ मौजूद थे और एक अन्य ग्राहक भी मौजूद था. दुकान में घुसते के साथ ही अपराधी ने सोने का लॉकेट दिखाने को कहा. वहीं एक लॉकेट पसंद करने के बाद उसके द्वारा मंगलसूत्र की लड़ी दिखाने को कहा गया. जिसके बाद करीब 60 ग्राम वजन के कुछ मंगलसूत्र का लरी लेकर भाग निकले थे. तीनों घटनाओं में शामिल अपराधी एक ही गिरोह से ताल्लुक रखते हैं और दो घटनाओं में उनकी पहचान हो चुकी है.

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