
CHHAPRA DESK – सारण जिला अंतर्गत दिघवारा गंगा नदी पर निर्माणाधीन शेरपुर-दिघवारा सिक्सलेन पुल परियोजना में आज संध्या उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निर्माणाधीन पुल का 98 नंबर पाया अचानक जमीन में धंस गया. घटना के दौरान तेज आवाज के साथ पानी की तेज बौछारें निकलने लगीं, जिससे निर्माण स्थल पर मौजूद मजदूरों और इंजीनियरिंग कर्मियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की क्षति नहीं हुई. मिली जानकारी के अनुसार पिलर की ढलाई पूरी होने के बाद तकनीकी प्रक्रिया के तहत मिट्टी की खुदाई कर पाया को नीचे बैठाने का कार्य चल रहा था. उसी दौरान अचानक जमीन का दबाव बढ़ गया और 98 नंबर पाया तेजी से नीचे समाहित होने लगा. देखते ही देखते आसपास की मिट्टी धंस गई तथा नीचे से पानी फव्वारा से बाहर आने लगा. घटना इतनी अचानक हुई कि वहां काम कर रहे कर्मियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय एक क्रेन ऑपरेटर खुदाई कार्य में लगा हुआ था. पाया धंसते देख उसने तत्परता दिखाते हुए क्रेन से छलांग लगा दी और किसी तरह अपनी जान बचाई. कुछ देर तक मौके पर मौजूद मजदूरों और अधिकारियों के बीच यह आशंका बनी रही कि ऑपरेटर कहीं मिट्टी के अंदर दब तो नहीं गया. जिसके बाद सभी लोग उसे खोजने में जुट गए. काफी तलाश के बाद वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर बदहवास हालत में मिला. उसे सुरक्षित देखकर लोगों ने राहत की सांस ली. घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम कुछ समय के लिए रोक दिया गया. मजदूरों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल देखा गया.

बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए और पुल निर्माण कार्य की गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाने लगे. लोगों का कहना था कि इतनी महत्वपूर्ण परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे. सूत्रों के अनुसार तकनीकी टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इंजीनियर धंसे हुए पाया और आसपास की जमीन की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं. फिलहाल निर्माण एजेंसी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं.

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