
CHHAPRA DESK – सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कृषि एवं संबद्ध विभागों की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई. जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में उर्वरकों की उपलब्धता वर्तमान में सामान्य है. समीक्षा के दौरान बताया गया कि दिनांक 01 अप्रैल से अब तक उर्वरक की कालाबाजारी एवं जमाखोरी रोकने के लिए कुल 895 छापेमारी की गई है. इनमें 44 मामलों में अनियमितताएं पाई गईं, 02 प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 09 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं. जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी वास्तविक आवश्यकता वाले किसान को उर्वरक देने से वंचित नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन उर्वरक प्रतिष्ठानों में स्टॉक में गंभीर विसंगति पाई जाए, उनके विरुद्ध तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को प्रभावी एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

उर्वरक संबंधी शिकायतें एवं समस्याएं जिला कृषि नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06152-248042 पर कार्यदिवसों में कार्यालय अवधि के दौरान दर्ज कराई जा सकती हैं. फार्मर रजिस्ट्री (एफआर) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक 1,56,067 एफआर आईडी का सृजन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने इस कार्य में निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. खरीफ फसल के लिए बीज वितरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर बीज वितरण की प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके. कृषि विद्युत आपूर्ति की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 21 समर्पित कृषि फीडर संचालित हैं। जिलाधिकारी ने कृषि विद्युत कनेक्शन हेतु अधिकाधिक आवेदन प्राप्त करने के लिए किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया. मत्स्य क्षेत्र की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने चिन्हित स्थलों पर स्वच्छ एवं व्यवस्थित मछली बाजार विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि मत्स्य उत्पादों का स्वच्छ एवं सुरक्षित विपणन सुनिश्चित किया जा सके

सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, नहर प्रमंडल को उन नहर खंडों की पहचान करने का निर्देश दिया जहां सफाई की आवश्यकता है। साथ ही सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को यह जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया कि किन नहरों के टेल एंड तक पानी नहीं पहुंच रहा है, ताकि आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, कार्यपालक अभियंता नहर प्रमंडल, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.

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