
CHHAPRA DESK – सारण जिलान्तर्गत विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लिये भू-अर्जन किया जा रहा है। विभिन्न परियाजना एवं मौजों में भू-अर्जन की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आज विभिन्न परियोजनाओं को लेकर किये जा रहे भू-अर्जन की गहन समीक्षा की. जेपी सेतु के समानांतर 6 लेन गंगा ब्रिज परियोजना के तहत भू-अर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाकर सभी पंचाटियों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया. इस परियोजना के तहत एलाईनमेंट में सुधार के उपरांत सभी संबंधित पंचाटियों को नोटिस निर्गत किया गया है, आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया. एनएच 139W भारतमाला प्रोजेक्ट (बाकरपुर-मानिकपुर) में विगत एक माह में लगभग 2.75 करोड़ रुपये मुआवजे का भुगतान किया गया है.

मुख्य रूप से 4 मौजे में कुछ रैयतों का भू-अर्जन से संबंधित भुगतान शेष है. सभी संबंधित रैयतों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने स्पष्ट निर्देश दिया गया. शेरपुर-दिघवारा रिंग रोड परियोजना के तहत मुआवजा भुगतान हेतु शेष सभी रैयतों से अभिश्रव प्राप्त कर तेजी से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया. रामजानकी पथ परियोजना में सभी शेष पंचाटियों से अभिश्रव प्राप्त कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया. परियोजना निदेशक एनएचएआई को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया. वहीं रिविलगंज-बिसुनपुरा

बाईपास सड़क के लिये सदर एवं रिविलगंज अंचल के 18 मौजों में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. अधिग्रहण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का निदेश दिया गया सभी संबंधित जमाबंदी को अपडेट करने का निर्देश दोनों अंचलाधिकारी को दिया गया. छपरा बाईपास से मेडिकल कॉलेज तक 4 लेन सड़क के निर्माण के तहत भू-अर्जन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया. रिविलगंज बाईपास के अंतर्गत सभी शेष लोगों को मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।इस परियोजना का शेष कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया.

वहीं गड़खा बाईपास, परसा बाईपास, अमनौर बाईपास, छपरा बाईपास सहित सभी संबंधित परियोजनाओं में मुआवजा भुगतान में तेजी लाते हुये भू-अर्जन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को दिया गया. बैठक में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, परियोजना निदेशक एनएचएआई, कार्यपालक अभियंता एन एच डिवीज़न, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमण्डल छपरा/सोनपुर सहित अन्य पदाधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता एवं संबंधित अंचलाधिकारी जुड़े थे.

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