
CHHAPRA DESK – गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे बच्चों के लिए बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना वरदान साबित हो रही है. इसी कड़ी में सारण जिले के पांच मासूमों को बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद भेजा गया है, जहां उनका निशुल्क हृदय ऑपरेशन किया जाएगा. सारण जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत चिन्हित पांच बच्चों को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत उन्नत इलाज के लिए अहमदाबाद रवाना किया गया. इन बच्चों को पहले एंबुलेंस से छपरा से पटना लाया गया, जहां से उन्हें फ्लाइट के माध्यम से अहमदाबाद भेजा गया. बच्चों के साथ उनके परिजन भी यात्रा पर गए हैं, ताकि इलाज के दौरान उन्हें सहयोग मिल सके.
इस योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का पूरी तरह निशुल्क इलाज कराया जाता है. सर्जरी से लेकर आने-जाने, रहने और खाने तक का पूरा खर्च बिहार सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है.

आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से कैंप लगाकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती है. इस दौरान जिन बच्चों में जन्मजात हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियां पाई जाती हैं, उन्हें योजना के तहत चिन्हित कर बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाता है. इसी प्रक्रिया में इन पांच बच्चों का चयन किया गया है. इन सभी बच्चों का ऑपरेशन अहमदाबाद स्थित में किया जाएगा, जहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में सर्जरी होगी.

बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मिली मजबूती
सिविल सर्जन डॉ राजकुमार चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति का उदाहरण है. उन्होंने बताया कि आरबीएसके के माध्यम से सक्रिय स्क्रीनिंग और समयबद्ध रेफरल व्यवस्था ने जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को काफी मजबूत किया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के तहत पहले भी कई बच्चों का सफल इलाज हो चुका है, जिससे गरीब परिवारों में अपने बच्चों के जीवन को लेकर नई उम्मीद जगी है.

अहमदाबाद भेजे गए बच्चे
इस योजना का लाभ लेने के लिए बच्चे का आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो और माता-पिता का बिहार का निवासी होना अनिवार्य है.
• सदर – अजय कुमार (7 वर्ष), पिता: शिव शंकर महलो
• दरियापुर – लक्ष्मी कुमारी (2 वर्ष), पिता: किशन कुमार महतो
• मढ़ौरा – कालूराम (15 वर्ष), पिता: अर्जुन राम
• जलालपुर – निशा खातून (11 वर्ष), पिता: फिरोज खान
• अमनौर – मोहित कुमार (14 वर्ष), पिता: सुधीर कुमार सिंह

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आशा की किरण
डीपीएम अरविन्द कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना न सिर्फ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों को नई जिंदगी दे रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर उभर रही है. सरकार की इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है.

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