CHHAPRA DESK – सारण जिले में फर्जी नर्सिंग होम व सेवा सदन की बाढ सी आई हुई है. ऐसे में नीम हकीम खतरे जान की कहावत लगातार चरितार्थ हो रही है. जिला प्रशासन भी अपनी ड्यूटी बजा ही रही है. आज ऐसा ही कुछ अजीबोगरीब मामला छपरा शहर के भगवान बाजार थाना अंतर्गत प्रगति नगर, शिव बाजार स्थित ओम साईं इमरजेंसी हॉस्पिटल से सामने आया है. जहां प्रसव के दौरान एक बच्चे के सिर से खून बहने लगा. बच्चे की मौत हो गई. फिर मैनेज का खेल चला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ और अंततः नवजात बच्चे का पोस्टमार्टम छपरा सदर अस्पताल में कराया गया. इस मामले में उक्त नर्सिंग होम, उसके चिकित्सक एवं वहां ले जाने वाली आशा कार्यकर्ता समेत अस्पताल कर्मियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. लेकिन नवजात का क्या कसूर जो धरती पर आने के साथ ही पोस्टमार्टम कक्ष में पहुंच गया. शरीर चीरफाड़ हो गया.

उफ्फ.. ये इंसानियत!
मृत नवजात जिले के गड़खा थाना क्षेत्र के रेरिया गांव निवासी संतोष कुमार दास का पुत्र था. इस संबंध में मृत नवजात के पिता ने बताया कि वह अपनी पत्नी पुष्पा देवी का डिलीवरी कराने के लिए बीते दिन सदर अस्पताल आ रहे थे. उस दौरान उनके साथ स्थानीय थाना क्षेत्र के बेलवनिया गांव निवासी आशा कार्यकर्ता मीरा देवी साथ हो गई और वह उन्हें सदर अस्पताल की बजाय शिव बाजार स्थित ओम साईं हॉस्पिटल में भर्ती करवा दिया. जहां, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सा डॉक्टर कमलेश पांडे के द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन कर बच्चे निकालने की बात कह ₹60000 की डिमांड की गई. जिसके लिए उन लोगों ने ₹25000 जमा करवाए, लेकिन वह लोग नॉर्मल प्रसव कराने लगे और उस दौरान लापरवाही के कारण बच्चे को निकालने के क्रम उसके सिर से खून बहने लगा और बच्चे की मौत हो गई. नवजात के पिता ने हलचल न्यूज़ को बताया गया कि बच्चा को जबरन निकालने के क्रम में उसका सिर फट गया और खून बहने लगा. यह पूरी तरह लापरवाही और जानबूझकर उनके बेटे की हत्या का मामला है.

पैसे के लिए पत्नी को बनाया गया बंधक
इस घटना के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली बात तब सामने आई जब मृत बच्चे के पिता ने भगवान बाजार थाना को सूचना दिया और बताया कि पैसे के लिए उनकी पत्नी को नर्सिंग होम में बंधक बनाया गया है. सूचना के बाद मौके पर भगवान बाजार थाना पुलिस पहुंची और मामले को सुलझाया लेकिन परिजन किसी कीमत पर मान्य को तैयार नहीं थे और उनके द्वारा इस मामले में पुलिस के समक्ष नवजात की हत्या की प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया. तत्पश्चात बच्चे के शव को कब्जे में मिलकर पुलिस के द्वारा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया.

परिजनों ने कहा उन्हें न्याय चाहिए
अब परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं. इस मामले में मृत नवजात के पिता संतोष कुमार दास के द्वारा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान भगवान बाजार थाना पुलिस के समक्ष दिए गए अपने फर्द बयान में शहर के प्रगति नगर, शिव बाजार स्थित ओम साई हॉस्पिटल, उसके कथित चिकित्सक डॉक्टर कमलेश कुमार पांडे, आशा कार्यकर्ता गड़खा थाना क्षेत्र के बेलवनिया गांव निवासी मीरा देवी एवं उक्त अस्पताल के दो कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही एवं मिली भगत से नवजात शिशु की जानबूझकर हत्या किए जाने का मामला दर्ज कराया है. वही अपने फर्द बयान में उक्त नर्सिंग होम द्वारा उसकी पत्नी को बंधक बनाए जाने की भी बात बताई गई है.
नर्सिंग होम संचालक कमलेश पांडे ने क्या कहा
इस विषय पर नर्सिंग होम संचालक कमलेश पांडे ने हलचल न्यूज़ को बताया कि वह नर्सिंग होम का संचालन करते हैं. परसों के दौरान पुष्पा देवी का ब्लड मात्र 6 ग्राम था. बच्चा मरा हुआ पैदा हुआ था. बच्चे को वह लोग कार्टन में बंद कर छत पर रख दिए थे.
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