
CHHAPRA DESK – मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोनोली हिंदी के बच्चों को शैक्षणिक परिभ्रमण मैं बड़ी लापरवाही सामने आई है. जहां, अनेक बच्चों को पार्क में छोड़कर शिक्षक बस लेकर निकल गये और वह बच्चे करीब 2 घंटे तक भूखे-प्यासे भटकते रहे. बच्चों ने बताया कि परिभ्रमण के लिए वैशाली ले जाया गया था. भ्रमण के बाद लौटने के दौरान बच्चों को अमनौर स्थित पर्यटक स्थल (पार्क) घुमाने के लिए बस से उतारा गया. उसी दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई, कुछ बच्चो को शिक्षको ने लेकर चल दिये. जबकि, 20 की संख्या में बच्चे वहां घूम ही रहे थे.

जिससे कई बच्चे पार्क में ही छूट गए।बच्चे अपने शिक्षको के पास फोन लगाते रहे पर शिक्षक फोन नही उठाए. बस के चले जाने के बाद पार्क में रह गए बच्चे बिना किसी शिक्षक की देखरेख के काफी देर तक इधर-उधर भटकते रहे और घबराकर परेशान हो गए. बाद में किसी तरह बच्चे पैदल चलते हुए अमनौर बाजार होकर घर जाने लगे. वहां मौजूद दुकानदार शशि शेखर जलेबी वाले ने बच्चों को बैठाया और पूरी घटना की सूचना अमनौर थाना को दी।बच्चे काफी भूखे प्यासे थे. इन्हें जलेबी बिस्किट देकर जलपान कराया।घटना के बाद क्षेत्र में विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.

वर्तमान समय में छेड़खानी, अपहरण और अन्य आपराधिक घटनाओं को देखते हुए बच्चों को इस तरह बिना शिक्षक के छोड़ देना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रधानाध्यापक, शिक्षक और शिक्षिकाओं को बच्चों के छूट जाने की जानकारी कैसे नहीं हुई और वे बच्चों को छोड़कर कैसे चले गए. थाना अध्यक्ष हेमन्त कुमार ने मसरख पुलिस व शिक्षा पदाधिकारी को सूचित किया. जिसके बाद शिक्षक हरकत में आये कई घण्टो बाद पुनः मसरख से अमनौर आकर बच्चो को वापस ले गए. इस तरह की लापरवाही को देख आस पास के लोग हेडमास्टर के प्रति काफी आक्रोशित थे.

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