
CHHAPRA DESK – सारण जिला अंतर्गत मशरक में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की टीम ने एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है. एनएच-227ए (राम जानकी पथ) पर सघन वाहन जांच अभियान के दौरान सिवान से पटना जा रही राजसागर बस से होम्योपैथिक दवा की बोतलों में छिपाकर ले जाई जा रही संदिग्ध स्प्रिट (शराब) बरामद की गई. थानाध्यक्ष रवि रंजन के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने बस की तलाशी ली, जिसमें 15 कार्टून में पैक कुल 135 लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ मिला. यह तरल पदार्थ होम्योपैथिक दवाओं की बोतलों में भरकर बड़ी ही चालाकी से परिवहन किया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो. प्रारंभिक जांच में यह स्प्रिट (शराब) जैसा प्रतीत हो रहा है,

लेकिन इसकी पुष्टि के लिए नमूनों को विधिवत जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तस्कर अब शराब की अवैध ढुलाई के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिसमें दवाइयों की आड़ लेना एक गंभीर और खतरनाक प्रवृत्ति बनती जा रही है. इस तरह के मामलों से न सिर्फ कानून-व्यवस्था को चुनौती मिलती है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ होने की आशंका बनी रहती है. इसी दौरान चलाए गए अन्य जांच अभियानों में भी पुलिस को सफलता मिली है.

कुल 52 लीटर अंग्रेजी शराब और 2 लीटर बीयर अलग-अलग स्थानों से जब्त की गई. इस पूरे मामले में पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ जारी है. प्रशासन अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका कनेक्शन किन-किन जिलों तक फैला हुआ है. साथ ही बस संचालक और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. मद्य निषेध विभाग ने साफ संकेत दिया है कि शराब तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा, तथा ऐसे अवैध कार्यों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

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