
CHHAPRA DESK – आगामी मानसून और बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में बाढ़ पूर्व तैयारियों, कटाव निरोधक कार्यों और आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई. जिसमें कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण ने बताया कि वर्तमान में 10 संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ नियंत्रण और कटाव निरोधक कार्य किया जा रहा है. इनमें से कुछ स्थलों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं. जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को सभी बाढ़ निरोधी कार्य स्थलों का निरीक्षण कर पूर्ण एवं जारी कार्यों का अवलोकन करने का निर्देश दिया. सभी अंचलाधिकारियों को सभी तटबंधों का निरीक्षण कर वल्नरेबल स्थलों को चिन्हित करने को कहा. जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों से एक एक कर पुराने अनुभवों के आधार पर महत्वपूर्ण फीडबैक लिया.

उन्होंने कहा कि अति संवेदनशील बिंदुओं को चिन्हित करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग किया जा रहा है. सभी ‘एंटी-फ्लड कंट्रोल’ कार्यों को हर हाल में 15 जून तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. वहीं रेत की बोरियाँ (Sand bags) एवं अन्य बाढ़ रोधी सामग्रियों का भंडारण 1 जून तक उपयुक्त स्थानों पर सुनिश्चित करने को कहा गया. साथ ही बाढ़ आपदा की स्थिति में त्वरित रिस्पांस के लिये मकेर के हैजलपुर और सोनपुर के सबलपुर में बाढ़ प्रमंडल के अस्थाई कैंप कार्यालय स्थापित करने का निर्देश दिया गया. इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी को उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आश्रय स्थलों और सामुदायिक रसोई के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन कर उनकी सूची जिला आपदा प्रबंधन शाखा को अविलंब उपलब्ध कराएं.

राहत सामग्री का दर एवं अपूर्त्तिकर्त्ता का निर्धारण
बैठक के दौरान बताया गया कि सूखा राशन और अन्य आवश्यक बाढ़ राहत सामग्रियों की दरों का निर्धारण और आपूर्तिकर्ताओं का चयन निविदा के माध्यम से पूर्ण कर लिया गया है. वहीं सूखे चारे की आपूर्ति के लिए निविदा के माध्यम से दरें तय कर ली गई हैं. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि अंचल वार चारे के आपूर्तिकर्ताओं को टैग किया जाए. वर्तमान में विभाग के पास 44 प्रकार की पशु औषधियाँ पर्याप्त स्टॉक में उपलब्ध हैं. संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि वे सभी सड़कों पर स्थित पुल-पुलियों का निरीक्षण करें और उनके वेंट्स (Vents) की सफाई सुनिश्चित करें ताकि जल प्रवाह में बाधा न आए.

वहीं नहर प्रमंडल को अपने अंतर्गत आने वाले सभी तटबंधों का गहन निरीक्षण करने का आदेश दिया गया. बाढ़ की स्थिति में किसानों की सहायता के लिए कम अवधि की फसलों के बीज वितरण के लिए कृषि विभाग द्वारा तैयारी की गई है. जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करने और स्थिति पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया. बैठक में अपर समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण/ ग्रामीण कार्य विभाग/नहर प्रमंडल, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे. जबकि सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे.

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