CHHAPRA DESK- सारण में जिला प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच विजयादशमी पर आयोजित रावण दहन का कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. हालांकि, जिले में नवरात्र के अवसर पर मेला में छिटपुट चाकू बाजी की घटना हुई और सभी का उपचार सदर अस्पताल में किया गया. वहीं आज शहर के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार के संयुक्त नेतृत्व में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ. विधि-व्यवस्था संधारण, भीड़ प्रबंधन एवं आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रावण दहन के आयोजन स्थल (राजेंद्र स्टेडियम) सहित पूरे रावण दहन जुलूस मार्ग पर आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी. कार्यक्रम के दौरान स्टेडियम के पूर्वी रोड की तरफ थोड़ी अफरातफरी हुई थी. स्टेडियम भरने के बाद लोग पेड़ों पर और दीवार पर चढ़ कर रावण बध का नजारा देखने लगे. उस दौरान दुर्घटनाएं हो सकती थी.

70 फीट का रावण एवं 60 फीट ऊंचे मेघनाथ का हुआ पुतल दहन

रावण दहन कार्यक्रम में लगभग 70 फीट ऊंचे रावण एवं 60 फीट ऊंचे मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया. यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है. विजयादशमी का पर्व समाज को अहंकार, अन्याय एवं बुराइयों का त्याग कर सत्य, सदाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है.

स्वास्थ्य विभाग की टीम दिखी मुस्तैद ; आतिशबाजी में झूलसों को मिला उपचार

 रावण दहन कार्यक्रम को लेकर स्टेडियम में फायर ब्रिगेड के दमकल वाहन एवं स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सा टीम एंबुलेंस के साथ मौजूद रहे. उस दौरान कोई अप्रिय घटना तो नहीं घटी लेकिन आतिशबाजी का एक पटाखा महिलाओं की भीड़ में जा गिरा, जिससे तीन-चार महिलाएं व कुछ बच्चे आंशिक रूप से झुलस गए. उस दौरान शीघ्र ही उनको एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक की देखरेख में फार्मासिस्ट शशि रंजन के द्वारा उनका ड्रेसिंग किया गया. जिनमें कुछ महिलाएं इसुआपुर व अन्य प्रखंडों की शामिल है. उनके साथ उनकी गोद में बैठे बच्चे भी आंशिक रूप से झुलसे हैं. कुछ लोगों को का उपचार सदर अस्पताल में भी कराया गया.